विद्युत परिवहन और मौजूदा बेड़े की सफाई वायु प्रदूषण का दीर्घकालिक समाधान: यूएनईपी अधिकारी
माधव
- 05 Jun 2026, 06:43 PM
- Updated: 06:43 PM
(अपर्णा बोस)
नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) संयुक्त राष्ट्र की एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि वायु प्रदूषण से निपटने का वास्तविक दीर्घकालिक समाधान इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करने और अनिवार्य उत्सर्जन परीक्षण के माध्यम से मौजूदा वाहनों के बेड़े को साफ करने जैसे उपायों में निहित है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'पीटीआई-वीडियो' के साथ विशेष बातचीत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की कार्यकारी निदेशक इंगर एंडरसन ने कहा कि स्वच्छ हवा की जरूरत संबंधी समस्या से निपटने के लिए अल्पकालिक आपातकालीन उपायों और दीर्घकालिक संरचनात्मक परिवर्तन के संयोजन की आवश्यकता है।
उन्होंने विभिन्न देशों द्वारा अपनाए गए उपायों का हवाला दिया, जैसे कि यातायात को सीमित करना, कुछ कारखानों पर प्रतिबंध लगाना और पराली जलाने जैसी चीजों का प्रबंधन करना।
एंडरसन ने कहा, ''वास्तविक दीर्घकालिक समाधान इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने, अनिवार्य उत्सर्जन परीक्षण के माध्यम से मौजूदा वाहन बेड़े को साफ करने और यह सुनिश्चित करने में निहित है कि प्रत्येक वाहन, यहां तक कि पुराने वाहन पर भी, एक वैध स्टिकर लगा हो जो प्रमाणित करता हो कि वह उत्सर्जन मानकों को पूरा करता है।''
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रमाणपत्र के बिना वाहनों पर जुर्माना लगाया जाए और उन्हें सड़क से हटा दिया जाए।
हाल में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 9,585 करोड़ रुपये की एक परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना और उनकी जगह स्वच्छ बीएस-4 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों को लाना है।
दो वर्षों की अवधि में, यह योजना दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बीएस-4 या इससे पुराने उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाले ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी।
इन उपायों पर एंडरसन ने कहा कि सरकार ने अतीत में सफल अभियान चलाए हैं, जो महत्वपूर्ण हैं, और सर्दियों के आने से पहले ठोस कार्रवाई पर प्रकाश डालना महत्वपूर्ण है।
संयुक्त राष्ट्र की अधिकारी ने उल्लेख किया कि डीजल से चलने वाली बसों, ट्रकों और लॉरियों जैसे सर्वाधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की समस्या का समाधान करना आवश्यक है और स्वच्छ एवं हरित सार्वजनिक परिवहन में निवेश करना भी जरूरी है।
एंडरसन ने कहा, ''जो लोग अब भी कोयले पर खाना पका रहे हैं, उनके लिए स्वच्छ खाना पकाने के विकल्पों तक पहुंच अत्यंत महत्वपूर्ण है, साथ ही घर के अंदर वायु प्रदूषण पर ध्यान देना भी आवश्यक है, जो महिलाओं और लड़कियों को अधिक प्रभावित करता है। हमें प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों जैसे निर्माण से निकलने वाली धूल, रेत और धूल भरी आंधी, तथा विशेष रूप से, खुले में कचरा जलाने के प्रति भी सचेत रहना चाहिए।''
भाषा
नेत्रपाल माधव
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