अन्नामलाई ने भाजपा छोड़ी, नयी पार्टी बनाने की घोषणा की
माधव
- 05 Jun 2026, 04:53 PM
- Updated: 04:53 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
नयी दिल्ली/चेन्नई, पांच जून (भाषा) अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण लोकप्रियता हासिल करने वाले और द्रविड़ दलों को सीधे चुनौती देने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया।
अन्नामलाई ने कहा कि उनके लक्ष्य बड़े हैं और नये समावेशी एजेंडे के तहत अधिक लोगों को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने घोषणा की कि वह नया राजनीतिक दल बनाएंगे और तमिलनाडु में अगला चुनाव लड़ेंगे।
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया के जरिए कहा, ''मेरे मन में प्रधानमंत्री मोदी के लिए बहुत सम्मान है।''
उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने गरिमापूर्ण तरीके से भाजपा छोड़ी है। उन्होंने नयी तरह की राजनीति की शुरुआत करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
अन्नामलाई ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद कहा, ''आज से एक नया रास्ता, एक नया आंदोलन, एक नयी मुहिम शुरू होगी।''
ऐसा बताया जा रहा है कि अन्नामलाई ने दिल्ली की अपनी हालिया यात्रा के दौरान अपना इस्तीफा सौंपा था।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ''भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।''
अन्नामलाई के समर्थकों ने पटाखे जलाकर और मिठाइयां बांटकर उनके फैसले का स्वागत किया। वहीं, भाजपा ने कहा कि अन्नामलाई के जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा।
अन्नामलाई ने कहा कि जिस नये आंदोलन की शुरुआत करने का उन्होंने प्रस्ताव रखा है, उसमें बुनियादी स्तर से ही नये आयाम और नया नजरिया होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''हमें नयी पार्टी के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को तैयार करना होगा। इसमें समय लगेगा।''
अन्नामलाई ने भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने तमिलनाडु की पहचान, संस्कृति और जल अधिकारों सहित किसी भी अधिकार से कभी समझौता नहीं किया।
भाजपा के राज्य में पूर्व शीर्ष नेता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी अचानक नहीं छोड़ी और करीब 18 महीने तक पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों पर शांतिपूर्वक चर्चा की।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अंततः चार दिसंबर 2025 को ही भाजपा नेतृत्व को बता दिया कि वह पार्टी छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनसे विधानसभा चुनाव से जुड़ा काम पूरा करने को कहा था और ''एक सच्चे कार्यकर्ता'' के रूप में उन्होंने उस निर्देश का पालन किया।
उन्होंने ''समावेशी राजनीति'' की वकालत करते हुए कहा कि तमिलनाडु के विकास के लिए सभी का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ''हमें किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमने वाली राजनीति से बाहर निकलकर आम आदमी की राजनीति स्थापित करनी होगी।''
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अन्नामलाई अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण बेहद लोकप्रिय हुए। उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर लगातार निशाना साधा और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए 'द्रमुक फाइल्स' भी जारी कीं।
जब अन्नामलाई ने 'ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम' (अन्नाद्रमुक) की दिवंगत प्रमुख जे. जयललिता पर उनकी दोषसिद्धि को लेकर कथित तौर पर निशाना साधा था तो अन्नाद्रमुक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे अस्वीकार्य टिप्पणी बताया था। उन्होंने द्रविड़ नेता सी. एन. अन्नादुरै पर 1956 में मदुरै में एक कार्यक्रम में हिंदू धर्म का अपमान करने का आरोप लगाकर भी विवाद खड़ा किया था।
अन्नाद्रमुक ने आखिरकार लोकसभा चुनावों से पहले सितंबर 2023 में भाजपा से संबंध तोड़ लिए थे। जब अन्नाद्रमुक और भाजपा ने फिर गठबंधन किया तो अन्नामलाई की जगह नैनार नागेंद्रन को अप्रैल 2025 में भाजपा की तमिलनाडु इकाई का अध्यक्ष बनाया गया।
नागेंद्रन ने अन्नामलाई के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए यहां संवाददाताओं से कहा, ''उनके (अन्नामलाई के) इस्तीफे से भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को कोई झटका नहीं लगेगा। पार्टी अपनी विचारधारा पर दृढ़ रहेगी।''
अन्नामलाई के अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने के फैसले पर नागेंद्रन ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को राजनीतिक दल बनाने की स्वतंत्रता है।
इस बीच, मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के नेता दुरई वाइको ने भाजपा छोड़ने और अपनी पार्टी बनाने के अन्नामलाई के फैसले का स्वागत किया।
दुरई ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मैं अपने भाई अन्नामलाई की सफलता की कामना करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह द्रविड़ विचारधारा के अनुरूप आगे बढ़ेंगे।''
द्रमुक नेता एम. एम. अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि अन्नामलाई भाजपा की 'बी-टीम' नहीं, बल्कि उसकी ''प्रत्यक्ष टीम'' होंगे।
भाजपा एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कई कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनावी जीत या हार से परे भाजपा का विचारधारा आधारित काम जारी रहेगा और पार्टी किसी व्यक्ति विशेष पर निर्भर नहीं है।
अन्नामलाई इस्तीफे की संभावना और नयी राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व से मुलाकात के लिए दिल्ली आए थे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मंगलवार को मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की थी।
ऐसा बताया जा रहा है कि नैनार नागेंद्रन को उनकी जगह भाजपा की तमिलनाडु इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने और राज्य में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के साथ चुनावी गठबंधन फिर से बहाल किए जाने के बाद से अन्नामलाई नाराज थे।
भाषा सिम्मी माधव
माधव
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