संसदीय समिति की बैठक में रुपये की कमजोरी, निजी निवेश में सुस्ती पर चिंता
रमण
- 04 Jun 2026, 05:42 PM
- Updated: 05:42 PM
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) संसद की एक स्थायी समिति की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में रुपये में लगातार आ रही गिरावट और देश में निजी निवेश की सुस्ती को लेकर चिंता जताई गई जबकि सरकार ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था चुनौतियों के बावजूद मजबूती के साथ उभर रही है।
वित्त संबंधी स्थायी संसदीय समिति की बैठक में आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने देश की आर्थिक स्थिति पर प्रस्तुति दी। इस बैठक की अध्यक्षता भर्तृहरि महताब ने की।
महताब ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महंगाई, बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया में संघर्ष और अपने उद्योगों की सुरक्षा के लिए चीन के हाल के सख्त कदम जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा, "हालांकि अभी कुछ प्रतिकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, लेकिन इन गंभीर चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में उभर रही है।"
महताब ने कहा कि घरेलू बचत और निवेश में वृद्धि जैसे कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन सरकार के पूंजीगत व्यय की गति के अनुरूप निजी निवेश का नहीं बढ़ना चिंता का विषय है।
महताब ने कहा कि समिति इस महीने के तीसरे सप्ताह में फिर बैठक करेगी और एक रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें अर्थव्यवस्था के समक्ष मौजूद चुनौतियों के उल्लेख के साथ उनसे निपटने के लिए जरूरी कदमों के बारे में सरकार को सुझाव भी दिए जाएंगे।
डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में आ रही गिरावट पर उन्होंने कहा कि यह भी चिंता का विषय है और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहा है।
निजी निवेश में सुस्ती पर उन्होंने कहा कि इसके लिए कुछ नीतिगत बदलावों की जरूरत है। साथ ही, चीन से बाहर आ रही कंपनियों को भारत में निवेश के लिए किस तरह का समर्थन दिया जा रहा है, इस पर भी ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी सवाल उठाए।
महताब ने कहा, "एक बड़ी चुनौती यह भी है कि जहां भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आ रहा है, वहीं कुछ निवेश यहां से बाहर भी जा रहा है। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने इसे एक चक्रीय प्रक्रिया बताया है।"
उन्होंने कहा कि अमेरिका में बढ़ते निवेश आकर्षण और विकसित देशों में ब्याज दरों में वृद्धि के कारण पूंजी का प्रवाह उन देशों की ओर हो रहा है, जबकि पहले उभरती अर्थव्यवस्थाओं को अधिक निवेश मिलता था।
बैठक में कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, गौरव गोगोई एवं मनीष तिवारी, भाजपा के पीपी चौधरी एवं दिनेश शर्मा और लोजपा (आर) के अरुण भारती सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण
0406 1742 दिल्ली