सरकार की दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र में 100 एथनॉल ईंधन स्टेशन शुरू करने की योजना:पूरी
रमण
- 04 Jun 2026, 05:26 PM
- Updated: 05:26 PM
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार कच्चे तेल के आयात को कम करने के उद्देश्य से दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर में 50 से 100 एथनॉल ईंधन स्टेशन स्थापित कर रही है।
पुरी ने उम्मीद जताई कि यह नेटवर्क बढ़कर 2026 के अंत तक 500 स्टेशनों तक पहुंच जाएगा।
मारुति सुजुकी द्वारा भारत की पहली एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से चलने वाली कार (फ्लेक्स-फ्यूल) पेश किए जाने के मौके पर पुरी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 2027 के अंत तक भारत में 5,000 एथनॉल ईंधन स्टेशन होंगे।
पुरी ने कहा, "हम दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर में लगभग 50 से 100 एथनॉल वितरण स्टेशन के साथ शुरुआत कर रहे हैं। यह संख्या 2026 के अंत तक बढ़कर 500 तक पहुंच सकती है।"
मंत्री ने कहा कि यदि यूरो 6 मानक वाहन को ई100 ईंधन (शत प्रतिशत एथनॉल वाले वाहन) के अनुकूल बनाया जा सके, तो इससे लगभग 120 अरब अमेरिकी डॉलर के कच्चे तेल आयात को कम करने में मदद मिलेगी।
तेल विपणन कंपनियों के घाटे पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे अभी भी प्रतिदिन लगभग 500 से 550 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के 60 प्रतिशत एलपीजी और 90 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से होती है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 93-94 दिनों में किसी भी स्थान पर ईंधन की कमी नहीं हुई है, हालांकि कुछ लोगों ने झूठी खबरें फैलाकर कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश की।
पुरी ने कहा कि ईंधन कीमतों में वृद्धि के मामले में भारत जापान के बाद सबसे कम वृद्धि वाला देश है।
उन्होंने कहा कि यदि नए आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों में से आधे एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से चलने वाले हों, तो देश में 311.8 करोड़ लीटर अतिरिक्त एथनॉल की मांग पैदा हो सकती है और किसानों को 12,403 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिल सकती है।
पुरी ने बताया कि 2014 में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण 1.5 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया है। इससे 302 लाख टन कच्चे तेल के प्रतिस्थापन के जरिए 1.84 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन उत्सर्जन नियमों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है ताकि उच्च एथनॉल मिश्रण और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग का दायरा बढ़ाया जा सके।
मसौदा बदलाव के तहत ई85 (85 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल), ई100 (लगभग शुद्ध एथनॉल), बी100 जैव-डीजल और हाइड्रोजन-सीएनजी मिश्रण जैसे ईंधनों के उपयोग का प्रावधान किया गया है।
भारत पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर चुका है, जिससे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई है और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आई है।
भाषा योगेश रमण
रमण
0406 1726 दिल्ली