दो साल तक सिर्फ कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के बारे में सोचता रहा, हार से निराशा स्वाभाविक : प्रज्ञानानंदा

दो साल तक सिर्फ कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के बारे में सोचता रहा, हार से निराशा स्वाभाविक : प्रज्ञानानंदा