अखिल भारतीय महापौर परिषद ने 74वें संविधान संशोधन के सभी विषय नगर निगम को सौंपने की मंजूरी दी
पारुल
- 03 Jun 2026, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
ऋषिकेश, तीन जून (भाषा) अखिल भारतीय महापौर परिषद ने 74वें संविधान संशोधन के सभी 18 विषय नगर निगम को सौंपे जाने, महापौर के अधिकार बढ़ाए जाने और बिजली विभाग एवं विकास प्राधिकरण की एक निश्चित धनराशि नगर निगम को सौंपे जाने संबंधी कई प्रस्ताव बुधवार को पारित किए।
ऋषिकेश में आयोजित परिषद की दो दिवसीय 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक के पहले दिन पारित महत्वपूर्ण प्रस्तावों के बारे में ऋषिकेश नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त चंद्र कांत भट्ट ने जानकारी दी।
भट्ट ने बताया कि बैठक में 74वें संविधान संशोधन के सभी 18 विषय नगर निगम को सौंपे जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने बताया कि इसमें महापौर की राष्ट्रीय स्तर की कोई संसदीय समिति गठित किए जाने के संबंध में भी प्रस्ताव पारित किया गया।
भट्ट के मुताबिक, कई राज्यों में महापौर पद के अधिकार बहुत कम हैं, जिसे देखते हुए उनके अधिकार बढ़ाए जाने तथा उन्हें अधिशासी शक्तियां दिए जाने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।
उन्होंने बताया कि अलग-अलग नगर निगमों में 'सर्वोत्तम प्रथा' के लिए अखिल भारतीय महापौर परिषद या सरकार की ओर से एक पोर्टल बनाए जाने की जरूरत के संबंध में भी एक प्रस्ताव पारित किया गया।
इस प्रस्ताव में कहा गया है कि इससे एक निगम के अच्छे कार्य दूसरे नगर निगम में या दूसरे राज्यों में लागू करने में मार्गदर्शन मिलेगा।
एक अन्य प्रस्ताव में, बिजली विभाग और विकास प्राधिकरण से एक निश्चित धनराशि नगर निगम को दिए जाने की जरूरत व्यक्त की गई।
इससे पहले, समिति की बैठक का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शहर दुनिया के सामने देश की वास्तविक छवि पेश करते हैं और अगर प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।
धामी ने कहा, "शहर स्वच्छ होंगे, तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होंगे, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।"
उन्होंने कहा कि महापौर अपने शहर के प्रथम नागरिक होने के साथ ही शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं, इसलिए उनके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है।ॉ
धामी ने कहा, "हमारे देश की आत्मा गांवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएं और उनके भविष्य की संभावनाएं शहरों में आकार लेती हैं।"
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में 'अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' स्थापित किए गए हैं, जबकि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने के लिए 'एनिमल बर्थ कंट्रोल' योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण पर लगाम की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
इस मौके पर धामी ने 29.78 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया, जिसमें नगर निगम ऋषिकेश में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड पर 10 स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य भी शामिल है।
भाषा
सं दीप्ति पारुल
पारुल
0306 1949 ऋषिकेश