शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफा न देने पर छह जून के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे सोनम वांगचुक
सुभाष
- 03 Jun 2026, 12:19 AM
- Updated: 12:19 AM
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मंगलवार को कहा कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पांच जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह इस्तीफे की मांग को लेकर छह जून को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।
वांगचुक ने अपने फैसले के पीछे शिक्षा की स्थिति और देश में सुधारों के कार्यान्वयन को लेकर व्यापक चिंताओं का हवाला दिया।
युवाओं द्वारा संचालित सोशल मीडिया आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी), जिसने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है, ने वांगचुक की घोषणा का स्वागत किया।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'एक्स' पर कहा, ''सोनम वांगचुक कॉकरोच आंदोलन में शामिल हो गए हैं ! आंदोलन में शामिल होने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हम सभी कॉकरोच के लिए यह बहुत बड़ा सम्मान है ! छह जून को आपसे मिलने के लिए उत्सुक हूं। जय हिंद।"
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि उन्होंने दीपके से बात की और उनसे यह आश्वासन मांगा कि यह आंदोलन भारतीय युवाओं की आवाज़ को प्रदर्शित करता है और किसी "विदेशी ताकतों" से प्रभावित नहीं है।
वांगचुक ने कहा, "उनसे बात करने के बाद, मुझे सचमुच लगा कि उनकी कोई गलत मंशा नहीं है। वह बड़े देशभक्त हैं। असल में, वह देश की बेहतरी के लिए बलिदान दे रहे हैं।''
ग्रामीण विद्यालयों और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा का जिक्र करते हुए वांगचुक ने तर्क दिया कि आज ग्रामीण विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की स्थिति ही यह निर्धारित करेगी कि 'विकसित भारत' का सपना साकार हो पाएगा या नहीं।
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि इसके बाद कौन से सुधार होंगे।
जवाबदेही की मांग करते हुए वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र में, ऐसी विफलताएं होने पर शिक्षा मंत्रियों को इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में ऐसा होगा, या तो बदलाव होगा या इस्तीफा। अगर 5 जून तक भी ऐसा नहीं होता है, तो मुझे 6 जून को दिल्ली में आप सभी के साथ यह अनुरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।''
छह जून के प्रदर्शन की घोषणा दीपके ने की है। उन्होंने कहा है कि वह परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए भारत लौट रहे हैं।
भाषा तान्या सुभाष
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