कर्नाटक में मुख्यमंत्री परिवर्तन को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया, अटकलें न लगाएं : सुरजेवाला
नरेश
- 27 May 2026, 08:22 PM
- Updated: 08:22 PM
बेंगलुरु, 27 मई (भाषा) कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच कांग्रेस ने राज्य के प्रभारी एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को स्पष्ट किया कि विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई है और कोई अन्य फैसला भी अभी नहीं लिया गया है।
उन्होंने मीडिया से इस मुद्दे पर कयास न लगाने की अपील की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी व्यक्तियों के हित में नहीं बल्कि कर्नाटक के हित में निर्णय लेगी और कहा कि कांग्रेस अपने नेतृत्व संबंधी मामलों पर निर्णय लेने में सक्षम है और कोई भी निर्णय लिए जाने पर जनता को सूचित करेगी।
सुरजेवाला ने कहा, "फिलहाल, कांग्रेस पार्टी द्वारा विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। अभी तक कोई अन्य निर्णय नहीं लिया गया है। जैसे-जैसे स्थिति में बदलाव आएगा, हम आपको सूचित करते रहेंगे। मैं आपको यह नहीं बता सकता कि एक महीना, 20 दिन, कल, छह महीने या एक साल बाद क्या होगा—यह तो अटकलबाजी होगी।"
यहां पत्रकारों से उन्होंने कहा, "मैं आपसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि अटकलों में न पड़ें।"
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इस बात की अटकलें तेज हैं कि सिद्धरमैया अगले कुछ दिनों में, संभवतः बृहस्पतिवार को, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और अपने उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पद दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से समय मांगा है और बृहस्पतिवार को अपने आधिकारिक आवास पर अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ नाश्ते पर बैठक कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम उन खबरों के बाद आया है जिनमें कहा गया है कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धरमैया को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता बनाने को कहा था और उन्हें राज्यसभा सीट सहित पार्टी में एक केंद्रीय भूमिका की पेशकश की थी।
कहा जा रहा है कि सिद्धरमैया ने तुरंत इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने मंगलवार को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ कर्नाटक में आगामी चार राज्यसभा सीटों और सात विधान परिषद सीटों के चुनावों के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया।
उन्होंने कहा, "एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को बताया था कि इस विषय पर बहुत विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कई नामों पर मंथन और चर्चा हुई तथा कई सुझाव प्राप्त हुए। सिद्धरमैया और शिवकुमार से कुछ और सुझाव आने बाकी हैं।"
सुरजेवाला ने आगे कहा, "उम्मीदवारों और मौजूदा सदस्यों की उम्मीदवारी पर अगले कुछ दिनों तक इन दोनों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श जारी रहेगा।"
उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि इन विचार-विमर्शों के बाद, मीडिया में कई दोस्तों ने "तरह-तरह की खबरें चलाईं"।
एआईसीसी महासचिव ने कहा कि सिद्धरमैया पार्टी के एक बहुत ही अनुभवी और सम्मानित नेता हैं, और पूर्व नेता विपक्ष तथा दो बार के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि शिवकुमार एक कुशल संगठनकर्ता हैं, जिन्होंने युवा कांग्रेस से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तक का सफर तय किया है। मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में उन्होंने कई मुख्यमंत्रियों के अधीन कार्य किया है और वर्तमान में वे पिछले तीन वर्षों से उपमुख्यमंत्री के पद पर बने हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा, "इसलिए मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि आने वाले दिनों में पार्टी जो भी निर्णय लेगी, मैं आपको सूचित करूंगा।"
कांग्रेस पार्टी और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से सुरजेवाला ने यह भी आश्वासन दिया कि कोई भी निर्णय कर्नाटक की जनता के हित में होगा।
उन्होंने कहा, "एआईसीसी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे (जो स्वयं कन्नड भाषी हैं) और राहुल गांधी (जिन्हें कर्नाटक की जनता से अपार प्रेम और स्नेह प्राप्त हुआ है) का एकमात्र निर्णय किसी व्यक्ति विशेष के हित में नहीं, बल्कि कर्नाटक के हित में होगा।"
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश
2705 2022 बेंगलुरु