मुख्यमंत्री सतीशन ने केलकर को उनका सचिव नियुक्त करने संबंधी फैसले का बचाव किया
नरेश
- 25 May 2026, 08:13 PM
- Updated: 08:13 PM
तिरुवनंतपुरम, 25 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू. केलकर को अपना सचिव नियुक्त करने संबंधी फैसले का बचाव करते हुए सोमवार को कहा कि चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समेत राज्य की किसी भी पार्टी ने उनके (केलकर) खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया था।
सतीशन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में केलकर की नियुक्ति को लेकर भाजपा और माकपा द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया और उन्हें एक कुशल अधिकारी बताया, जिनका विभिन्न विभागों में शानदार रिकॉर्ड रहा है।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होती है, जिसमें राज्य सरकार अधिकारियों का एक पैनल भेजती है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त अंतिम चयन करते हैं।
उन्होंने केलकर के तबादले और नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के आधार पर ही सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई अधिकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद पर काम करने के बाद सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं।
उन्होंने पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी नलिनी नेट्टो का उदाहरण देते हुए कहा कि वह बाद में गृह विभाग में रहीं, मुख्य सचिव बनीं और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी काम किया।
सतीशन ने कहा कि केलकर एक ''कुशल अधिकारी'' हैं और इसीलिए उन्हें उनके सचिव के पद के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि केलकर का विभिन्न विभागों में शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है।
उन्होंने पूछा, ''उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के अधीन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, योजना एवं आर्थिक मामलों जैसे विभागों के सचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री के अधीन कर सचिव और जीएसटी आयुक्त के रूप में भी कार्य किया। क्या यह अनुभव मायने नहीं रखता?''
मुख्यमंत्री का यह बयान भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी केलकर की नियुक्ति को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच आया है। माकपा और भाजपा दोनों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति में ''दोहरे मापदंड'' अपनाने का आरोप लगाया है।
तेल की बढ़ती कीमतों पर सतीशन ने कहा कि सरकार अंतिम फैसला लेने से पहले कर राजस्व पर पड़ने वाले असर और आम जनता पर पड़ने वाले बोझ समेत पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।
पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए सतीशन ने कहा कि वहां तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और माकपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम काटे जाने के गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन केरल में केलकर के खिलाफ ऐसी कोई शिकायत नहीं थी।
सतीशन ने कहा कि तब भी उन्हें ऐसा लगा कि उनमें से कोई भी वास्तव में असल सवाल नहीं पूछ रहा था। उन्होंने कहा, ''अपने संदेह खुलकर पूछें। इस मामले में हमसे वास्तव में क्या गलती हुई है? शिकायत किसने दर्ज कराई? क्या मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत थी? क्या यहां एसआईआर के संबंध में कोई शिकायत थी?''
उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा ने इससे पहले कभी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) या उनकी कार्यप्रणाली के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज कराई थी।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश
2505 2013 तिरुवनंतपुरम