भारत में कई राजदूतों ने हाथरस भगदड़ में मारे गये लोगों के प्रति संवेदना जताई
जितेंद्र धीरज
- 03 Jul 2024, 01:08 AM
- Updated: 01:08 AM
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) जर्मनी, फ्रांस और चीन समेत कई देशों के राजदूतों ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग में मची भगदड़ में कई लोगों के मारे जाने पर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह इस दुखद घटना से बहुत व्यथित हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ की घटना में लोगों की मौत से बहुत व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’
हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 116 लोगों की मौत हो गई।
भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि वह इस दुखद घटना से अत्यंत दुखी हैं।
एकरमैन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हाथरस में हुई दुखद घटना से बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। उम्मीद है कि घायलों तक जल्द ही मदद पहुंचेगी।’’
चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने इस घटना में हुई मौतों पर मंगलवार रात को ‘एक्स’ पर पोस्ट जारी कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई दुखद घटना से स्तब्ध और दुखी हूं। मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करता हूं और पीड़ितों के परिवारों के प्रति गंभीर संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’
भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ ने भी 'एक्स' पर एक पोस्ट किया।
राजदूत ने 'एक्स' पर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मची भगदड़ में लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। फ्रांस, मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।’’
इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने भी अन्य राजदूतों द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं को साझा किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ की घटना में लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। हमारी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। ऐसी घटनाएं वास्तव में दिल दहला देने वाली होती हैं। ’’
भाषा जितेंद्र