फडणवीस ने विभागों को सेवाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया
माधव
- 25 May 2026, 06:15 PM
- Updated: 06:15 PM
मुंबई, 25 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी सेवाओं की समीक्षा करें और उन्हें 'गवर्नमेंट प्रोसेस री-इंजीनियरिंग' (जीपीआर) ढांचे के तहत लाकर सरल, तेज और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित करें।
फडणवीस ने मुंबई में जीपीआर से संबंधित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं और योजनाओं में अनावश्यक चरणों, कागजी कार्रवाई और प्रक्रियाओं को कम करने की प्रक्रिया को तेज करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "सभी विभाग अपनी सेवाओं की समीक्षा करें और उन्हें जीपीआर प्रक्रिया के तहत लाएं।" साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल सेवाओं की संख्या बढ़ाने के बजाय उनकी गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''अब तक 1,222 सेवाओं की समीक्षा की जा चुकी है और नागरिकों के लिए उपयोगी 723 सेवाओं को तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में पूर्ण एकीकरण के बाद कई सेवाएं आपस में विलय होंगी और यह संख्या और कम होगी।''
फडणवीस ने अधिकारियों को 'आपले सरकार 2.0' के तहत सेवाओं के पुनर्गठन में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि नागरिकों को अधिक पारदर्शी, सुलभ और तेज सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि 'आपले सरकार 2.0' के तहत सेवाओं को सरल और बेहतर बनाने की प्रक्रिया 14 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी और नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस से नयी और उन्नत प्रणाली देखने को मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से सरकारी प्रक्रियाएं कई अनावश्यक चरण जुड़ने के कारण जटिल हो गई हैं और जीपीआर सुधारों के माध्यम से इन्हें सरल और नागरिक-केंद्रित बनाने की जरूरत है। उन्होंने पूर्व की स्व-प्रमाणन पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि अनावश्यक प्रमाणपत्रों और सत्यापन की आवश्यकता खत्म होने से नागरिकों का समय बचा है और जवाबदेही बढ़ी है।
फडणवीस ने विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे इस सरलीकरण प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें, जहां आवश्यक हो वहां अनावश्यक चरणों को कम करें और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाएं।
उन्होंने राजस्व विभाग की सेवाओं को सरल बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि चूंकि यह विभाग सीधे जनता से जुड़ा है, इसलिए इसका परिवर्तन सरकार के कुल सुधार कार्य का 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की सेवा प्रणाली पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई और कहा कि विभिन्न प्रयोगों के बावजूद एक समान और मजबूत प्रणाली विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने पब्लिक ऐप जैसे 'हाइपरलोकल' डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया ताकि सरकार की सकारात्मक पहलें प्रभावी ढंग से नागरिकों तक पहुंच सकें। उन्होंने सभी विभागों को ऐसे मंच के उपयोग के लिए अलग रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए।
भाषा अमित माधव
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