कानपुर में कथित चिकित्सकीय लापरवाही पर आईटीबीपी अधिकारियों ने पुलिस आयुक्त से की कार्रवाई की मांग
सं, जफर रवि कांत
- 23 May 2026, 09:28 PM
- Updated: 09:28 PM
कानपुर, 23 मई (भाषा) भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों ने शनिवार को कानपुर के पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटना पड़ा।
यह विवाद उस समय सामने आया जब महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने कृष्णा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चिकित्सकों पर उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया।
विकास सिंह के अनुसार, उनकी मां को सांस लेने में तकलीफ होने पर 13 मई को कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचार के दौरान लगाए गए एक इंजेक्शन से उनकी मां के दाहिने हाथ में गंभीर सूजन और संक्रमण हो गया।
बाद में उन्हें पारस अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां चिकित्सकों ने कथित तौर पर परिवार को बताया कि संक्रमण व्यापक रूप से फैल चुका है और हाथ काटना ही एकमात्र विकल्प बचा है। इसके बाद 17 मई को उनका हाथ काट दिया गया।
आईटीबीपी जवान ने सोमवार को पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ दाहिना हाथ थर्माकोल के डिब्बे में बर्फ के साथ लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कथित तौर पर वह डिब्बा आयुक्त की मेज पर रखकर हाथ दिखाया और भावुक होकर कहा कि "इसी हाथ से उनकी मां उन्हें खाना खिलाती थीं।"
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट से असंतोष जताने के बाद शनिवार सुबह आईटीबीपी के कई जवान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कमिश्नरी पहुंचे।
इसके बाद अफवाह फैल गई कि सशस्त्र आईटीबीपी जवानों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय का घेराव कर लिया है। हालांकि, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने इन खबरों का खंडन किया।
लाल ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "आईटीबीपी कमांडेंट गौरव ने पूर्व अनुमति लेकर मुलाकात का समय लिया था और तीन अधिकारियों तथा लगभग एक दर्जन कर्मियों के साथ शांतिपूर्वक कार्यालय आए थे। कमांडेंट कार्यालय के भीतर आए, जबकि जवान बाहर रहे। कमिश्नरी के घेराव या कब्जे की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।"
बैठक के बाद पुलिस आयुक्त ने संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए, जिसमें पुलिस अधिकारी, आईटीबीपी के चिकित्सा अधिकारी और सीएमओ द्वारा नामित चिकित्सक शामिल होंगे।
जांच दल में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) विपिन टाडा और प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी सुमेध मिलिंद जाधव को भी शामिल किया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिदत्त नेमी ने बताया कि जांच वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में की जाएगी।
भाषा
सं, जफर रवि कांत
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