नड्डा ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की
संतोष
- 23 May 2026, 09:25 PM
- Updated: 09:25 PM
नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
इस बैठक में राज्य में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के कार्यान्वयन के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने पर चर्चा हुई ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में योजना लागू होने के बाद वरिष्ठ नागरिकों समेत लगभग 1.45 करोड़ परिवार एबी पीएम-जेएवाई योजना के अंतर्गत आएंगे और विस्तारित स्वास्थ्य कवरेज से लाभान्वित होने की उम्मीद है।
डिजिटल बैठक के दौरान, अधिकारी ने राज्य में योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र से समर्थन और मार्गदर्शन का अनुरोध किया।
इस योजना का उद्देश्य कमजोर और वंचित आबादी तक सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
नड्डा ने एचपीवी टीकाकरण के प्रसार में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बयान में कहा गया है कि बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), पीएम-एबीएचआईएम और अन्य प्रमुख योजनाओं के तहत धन के प्रभावी उपयोग पर चर्चा शामिल थी।
बयान में कहा गया है कि स्वास्थ्य अवसंरचना में सुधार, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पहलों, टीबी और अन्य संक्रमण जनित रोगों के उन्मूलन, गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की शीघ्र जांच और निदान तथा सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर दवाओं एवं निदान उपकरणों की उपलब्धता के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई।
बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 3505.59 करोड़ रुपये का संसाधन राज्य को उपलब्ध कराया गया , जिसमें से 527.58 करोड़ रुपये की पहली वित्तीय मंजूरी आज राज्य को प्रदान कर दी गई।
राज्य को यह भी सूचित किया गया कि प्रधानमंत्री-एबीएचआईएम और 15वें वित्त आयोग के स्वास्थ्य अनुदान के लिए उपलब्ध धनराशि का शीघ्र उपयोग किया जाए।
नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि मातृ मृत्यु दर (एमएमआर), पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) और नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार और उन्हें बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है।
भाषा
राजकुमार संतोष
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