मोदी सरकार में असली संकट नेतृत्व का है: कांग्रेस
नेत्रपाल
- 23 May 2026, 08:21 PM
- Updated: 08:21 PM
नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) कांग्रेस ने पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी को लेकर शनिवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार में असली संकट नेतृत्व का है, तथा यह बात अब सभी देशवासी समझ चुके हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शनिवार को एक बार फिर वृद्धि की गई। पेट्रोल की कीमत 87 पैसे लीटर जबकि डीजल के दाम 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं।
पिछले 10 दिन से भी कम समय में यह तीसरा मौका है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पेट्रोल अब हुआ 100 रुपये पार, अबकी बार… जनता की कमाई पर किस्तों में लूटमार। पेट्रोल-डीजल पर रोजाना 1000 करोड़ रुपये का केंद्रीय कर लगाकर भाजपा का पेट नहीं भरा… अंतरराष्ट्रीय दाम जब कम थे तब जनता को फ़ायदा नहीं पहुँचाया, उसे जमकर लूटा।''
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ''जब संकट आया तो, चुनाव में जुट गए और चुनाव बाद त्याग का उपदेश दिया, फिर 8 दिन में 3 बार पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाए।''
खरगे ने कहा, ''हमें बताया गया कि विदेशों के मुक़ाबले भारत में दाम
सबसे कम हैं। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद जब मोदी जी हम भारतीयों को ''सब ठीक है'' की घुट्टी पिला रहे थे तब बाकी देश अपनी-अपनी जनता को राहत पहुँचा रहे थे।''
उन्होंने दावा किया, ''इटली ने ईंधन पर शुल्क में कटौती की, जिससे वहां की जनता को राहत मिली। ऑस्ट्रेलिया ने उत्पाद शुल्क में कटौती की, जिससे नागरिकों के लिए पेट्रोल की कीमतें लगभग 17 रुपये प्रति लीटर कम हो गईं। जर्मनी ने तेल पर कर कम किया, जिससे ईंधन की कीमतें 17-19 रुपये प्रति लीटर कम हो गईं।''
खरगे ने सवाल किया, ''नरेन्द्र मोदी जी बताइए, इस लूट की किस्त किस-किस को जा रही है? आप इतने 'कंप्रोमाइज्ड' क्यों हैं?''
उन्होंने दावा किया, ''इस सरकार में नेतृत्व का संकट असली है, 140 करोड़ भारतीय अब यह समझ गए हैं।''
कांग्रेस के शोध विभाग के प्रमुख प्रोफेसर राजीव गौड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के प्रभाव को सरकार स्वयं वहन करे और इसका बोझ भारत की जनता पर न डाले।
उन्होंने कहा कि जहां दूसरे देश यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके नागरिकों पर कम बोझ पड़े, तो वहीं 'महंगाई मैन' प्रधानमंत्री मोदी आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ाकर नागरिकों पर बोझ डाल रहे हैं।
गौड़ा ने सवाल किया कि जब सरकार ने 2014 के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में हुई लगातार गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दिया था तो अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि पर उपभोक्ताओं के लिए कीमतें क्यों बढ़ाई जा रही हैं?
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने एक हफ्ते के अंदर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में पांच रुपये की बढ़ोतरी कर आम जनता पर लगातार प्रहार किया है।
गौड़ा ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि लोगों को राहत देने के लिए वह क्या कदम उठा रही है।
भाषा हक दिलीप नेत्रपाल
नेत्रपाल
2305 2021 दिल्ली