केरल: सीईओ को मुख्यमंत्री का सचिव बनाए जाने संबंधी खबरों को लेकर विपक्ष का कांग्रेस पर निशाना
धीरज
- 23 May 2026, 07:50 PM
- Updated: 07:50 PM
तिरुवनंतपुरम, 23 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का सचिव नियुक्त किए जाने संबंधी खबर को लेकर कांग्रेस पर शनिवार को हमला बोला और आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसी नियुक्तियां होने पर पार्टी विरोधाभासी रुख अपनाती है।
केलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2003 बैच के अधिकारी हैं और हाल ही में केरल विधानसभा चुनाव के दौरान वह मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्यरत थे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता के. सुरेंद्रन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह चुनाव अधिकारियों से जुड़ी नियुक्तियों के मामले में दोहरा रवैया अपना रही है।
सुरेंद्रन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''पश्चिम बंगाल में जब भाजपा ने ऐसा किया, तो उसे वोट चोरी का इनाम बताया गया। लेकिन केरल में जब वी.डी. सतीशन ऐसा कर रहे हैं, तो उसे लोकतंत्र की खूबसूरती कहा जा रहा है। राहुल और उनकी टीम दोनों सबसे बड़े पाखंडी हैं।''
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पी. राजीव ने इस नियुक्ति की आलोचना की और केरल में कांग्रेस से इस पर स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने केरल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त करने पर क्या रुख अपनाया है, जबकि राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में इसी तरह की एक नियुक्ति का कड़ा विरोध किया था।
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए वहां पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाए जाने पर सवाल उठाए थे।
गांधी ने आरोप लगाया था कि भाजपा और निर्वाचन आयोग के बीच मिलीभगत है।
उन्होंने कहा था कि "जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम"।
केरल सरकार की आलोचना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने नियुक्ति का बचाव किया और कहा कि सरकार को सक्षम अधिकारियों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्त करने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा, "रतन केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त करना सरकार का विशेषाधिकार है। वे एक सक्षम अधिकारी हैं। इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।"
भाषा जोहेब धीरज
धीरज
2305 1950 तिरुवनंतपुरम