भारतीय युवाओं के हित में अंतरराष्ट्रीय संबंध उद्देश्यपूर्ण तरीके से बनाए गए हैं:प्रधानमंत्री मोदी
संतोष
- 23 May 2026, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां देश के युवाओं के हित को ध्यान में रखकर सोच-समझकर और उद्देश्यपूर्ण तरीके से बनाई गई हैं।
मोदी ने यह भी बताया कि दर्जनों देशों का प्रतिनिधित्व करने वालीं वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने भारत के युवाओं और देश की तकनीकी प्रगति की चर्चा की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'रोजगार मेले' में 51,000 से अधिक युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र डिजिटल माध्यम से वितरित किए और कहा कि आने वाले वर्षों में 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में युवाओं की अहम भूमिका होगी।
अपनी पांच देशों की हालिया यात्रा का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ''इस दौरान मेरी दर्जनों देशों की बड़ी-बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई, और हर जगह मैंने एक बात समान रूप से महसूस की है कि दुनिया, भारत के युवाओं और भारत की तकनीकी प्रगति को लेकर बहुत उत्साहित है।''
उन्होंने कहा कि विश्व भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहता है।
संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की अपनी यात्राओं के राजनयिक और आर्थिक परिणामों पर विस्तार से बताते हुए, प्रधानमंत्री ने प्रत्येक राष्ट्र के साथ किए गए क्षेत्र-विशिष्ट समझौतों और वार्ता की रूपरेखा प्रस्तुत की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान, नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर, जल, कृषि और विनिर्माण पर चर्चा हुई, स्वीडन के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल नवाचार पर जबकि नॉर्वे के साथ हरित प्रौद्योगिकी और समुद्री क्षेत्र में सहयोग पर बात हुई।
उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के साथ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी संबंधी रणनीतिक साझेदारियों पर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए और इटली के साथ रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर समझौते हुए।
मोदी ने इस तरह के तालमेल के दीर्घकालिक महत्व पर जोर दिया और कहा कि ये वे क्षेत्र हैं जो उद्योगों को आकार देंगे और अगले 25 वर्षों के लिए वैश्विक विकास को परिभाषित करेंगे।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के विश्वसनीय भागीदार के रूप में भारत के बढ़ते कद के ठोस उदाहरण के रूप में एएसएमएल-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स समझौते का हवाला देते हुए, मोदी ने बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जिनके साथ नीदरलैंड की सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने समझौता किया है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर स्वीडन के साथ साझेदारी और सुपरकंप्यूटिंग पर यूएई के साथ सहयोग से भारत की तकनीकी क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी।
मोदी ने कहा, ''एएसएमएल-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच समझौता ही भारत में हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।''
स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, हरित हाइड्रोजन और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं के तेजी से बढ़ने का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि हरित परिवर्तन और टिकाऊ प्रौद्योगिकी में स्वीडन, नॉर्वे और इटली के साथ बढ़ते सहयोग से भारत भविष्य के स्वच्छ विनिर्माण उद्योगों में मजबूत स्थिति में आ जाएगा।
उन्होंने कहा, ''ये साझेदारियां एक नयी अर्थव्यवस्था और नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नयी साझेदारी भारतीय स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और युवा पेशेवरों के लिए वैश्विक संपर्क को व्यापक बनाती है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया उन देशों का सम्मान करती है जो नवाचार करते हैं, निर्माण करते हैं और बड़े पैमाने पर परिणाम देते हैं।
मोदी ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि भारत इन तीनों मोर्चों पर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा, ''इस परिवर्तन के पीछे सबसे बड़ी शक्ति भारत के युवा हैं, आप सभी।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज नौकरी पाने वाले सभी युवा देश के विकास की राह में महत्वपूर्ण भागीदार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कई अन्य क्षेत्रों में ये सभी युवा नयी जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, ''आने वाले वर्षों में आप सभी विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस उपलब्धि के लिए मैं आपको और आपके परिवार के सदस्यों को हार्दिक बधाई देता हूं।''
रोजगार सृजन के लिए प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय समझौते की प्रत्यक्ष प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए, मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक नया निवेश, प्रत्येक प्रौद्योगिकी साझेदारी और प्रत्येक औद्योगिक सहयोग अंततः भारत के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करता है।
इस अवसर को व्यापक राष्ट्रीय मिशन के संदर्भ में रखते हुए, प्रधानमंत्री ने 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के सामूहिक संकल्प की बात की और इस पर जोर दिया कि सरकार द्वारा किए गए विभिन्न क्षेत्रों के निवेश से इस महत्वाकांक्षा के प्रत्यक्ष परिणाम स्वरूप लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने नव नियुक्त सरकारी कर्मचारियों से व्यापार और उद्यम को सुगम बनाने में अपनी भूमिका के प्रति सचेत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ''व्यापार करने में सुगमता देश के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।''
रोजगार सृजन और समावेशी विकास को गति देने में बुनियादी ढांचे की मूलभूत भूमिका पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय प्रगति का वास्तविक लाभ तभी पूरी क्षमता तक पहुंचता है जब गांवों, छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को विकास के ताने-बाने में एकीकृत किया जाता है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश बन गया है, जिसमें 2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं और यह परिवर्तन अब महानगरों तक ही सीमित नहीं है।
मोदी ने यह भी कहा कि 'टियर-2 और टियर-3' शहरों के युवा बड़ी संख्या में स्टार्टअप और नवाचार की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, और यह बदलाव राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण घटक बन गया है।
अधिकारियों ने कहा कि रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता के अनुरूप आयोजित यह 'रोजगार मेला' इस दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
शनिवार को देश भर में 47 स्थानों पर 'रोजगार मेला' का आयोजन किया गया।
भारत के सभी हिस्सों से चयनित ये युवा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यभार संभालेंगे जिनमें रेलवे, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा एवं उच्च शिक्षा विभाग आदि शामिल हैं।
भाषा
शफीक संतोष
संतोष
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