लोगों के जीवन को आसान बनाने और अगली पीढ़ी के सुधारों पर जोर दें : प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा
नेत्रपाल
- 22 May 2026, 12:14 AM
- Updated: 12:14 AM
नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अपनी मंत्रिपरिषद को 2047 का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा ताकि तब तक विभिन्न सुधार पहलों के माध्यम से लोगों का जीवन अधिक सुविधानजनक बन सके।
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली पीढ़ी के सुधारों पर अधिकतम जोर दिया जाना चाहिए, ताकि 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक देश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान मोदी ने उन सुधार पहलों की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की, जिनके जरिए देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके।
उन्होंने मंत्रियों से बार-बार कहा कि उनका लक्ष्य और उद्देश्य हमेशा लोगों के जीवन को अधिक सहज और सुविधाजनक बनाना होना चाहिए तथा लोगों के लिए ''जीवन की सुगमता'' सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, मोदी ने यह भी कहा कि लोगों के जीवन में किसी भी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे हरसंभव कदम उठाएं ताकि लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह आगे की ओर देखने का समय है, न कि अतीत में किए गए कार्यों में उलझे रहने का।
मोदी ने कहा कि सरकार 2014 से सत्ता में है और 2026 में ध्यान भविष्य के लक्ष्यों और उपलब्धियों पर केंद्रित होना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने मंत्रियों को सुशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी कामकाज में किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री की हालिया विदेश यात्रा पर प्रस्तुति दी, जिसके दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा की थी।
कुल नौ सचिवों ने अपने-अपने मंत्रालयों और विभागों की पहलों तथा कार्यप्रदर्शन पर प्रस्तुति दी। इनमें से कुछ ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया।
कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन ने सरकार की समग्र सुधार पहलों और जनहितकारी उपायों पर प्रस्तुति दी।
नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने भी प्रस्तुति दी।
बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए।
यह इस वर्ष आयोजित मंत्रिपरिषद की पहली बैठक थी।
भाषा गोला नेत्रपाल
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