बड़ी युवा आबादी के बूते काम-काज का भविष्य गढ़ सकते हैं ब्रिक्स से जुड़े देश : मांडविया
जोहेब
- 20 May 2026, 09:23 PM
- Updated: 09:23 PM
इंदौर (मध्यप्रदेश), 20 मई (भाषा) केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने ब्रिक्स देशों की बड़ी युवा आबादी को रेखांकित करते हुए बुधवार को कहा कि जनसांख्यिकीय ताकत इस समूह के सदस्यों को काम-काज का भविष्य गढ़ने का अवसर देती है।
मांडविया, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में इंदौर में शुरू हुई ब्रिक्स युवा उद्यमिता कार्य समूह की बैठक के उद्घाटन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित कर रहे थे। यह बैठक 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' विषय पर केंद्रित है।
ब्रिक्स एक प्रमुख अंतर-सरकारी संगठन और भू-राजनीतिक समूह है। इसके सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं।
मांडविया ने बैठक में अपने संबोधन में कहा, "ब्रिक्स के देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। कई ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी 35 साल से कम उम्र की है।"
उन्होंने कहा, "अकेले भारत में ही लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम उम्र की है। यह जनसांख्यिकीय ताकत ब्रिक्स से जुड़े देशों को काम-काज के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है। ब्रिक्स से जुड़े देशों में युवा पहले से ही परिवर्तनकारी बदलाव ला रहे हैं।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कौशल विकास, डिजिटल समावेशन और उद्यम-आधारित विकास पर केंद्रित प्रयासों के माध्यम से अच्छे रोजगार के अवसर बढ़ाने और ऐसी प्रणाली बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है जो दुनिया के सबसे जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक है।
'स्थानीय नवाचार से वैश्विक प्रभाव तक: युवा नेतृत्व वाले स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ब्रिक्स सहयोग' विषय पर आयोजित विशेष सत्र में ब्रिक्स देशों के प्रतिभागियों ने उद्यमिता के क्षेत्र में अपने अनुभव, पहल और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां साझा कीं।
सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कहा,"जब ब्रिक्स से जुड़े देश मिलकर काम करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं, तो स्थानीय नवाचार वैश्विक प्रभाव पैदा कर सकते हैं।"
उन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रकाश डाला और कहा कि छोटे शहरों के युवा तेजी से सफल उद्यम स्थापित कर रहे हैं जो समावेशी और युवा नेतृत्व वाले नवाचारों के प्रति देश की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
ब्रिक्स की बैठक के पहले दिन डिजिटल नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता, सामाजिक और समावेशी उद्यमिता तथा हरित उद्यमिता और जलवायु-अनुकूल व्यापार मॉडलों पर केंद्रित विषयगत पैनल चर्चाएं भी हुईं।
इन चर्चाओं में कृत्रिम मेधा (एआई), वित्तीय प्रौद्योगिकी, कृषि प्रौद्योगिकी, स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में युवा उद्यमियों के लिए उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चाओं में समावेशी विकास और समुदाय-आधारित उद्यमों के महत्व पर भी जोर दिया गया।
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