गुजरात सरकार ने ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने के उपाय जारी किए
माधव
- 20 May 2026, 09:09 PM
- Updated: 09:09 PM
गांधीनगर, 20 मई (भाषा) पश्चिम एशिया के संकट के मद्देनजर गुजरात सरकार ने ईंधन और विदेशी मुद्रा के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है, जिनमें आधिकारिक विदेश यात्राओं पर रोक और यात्रा को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग शामिल है।
मंगलवार को जारी 11 सूत्रीय परिपत्र में कहा गया, "मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विदेशी मुद्रा के उपयोग के संबंध में उपायों को लागू करने का निर्णय लिया है। जारी किए गए निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन किया जाना चाहिए।"
सरकार ने कहा कि उसके कर्मचारियों को अत्यंत आवश्यक मामलों को छोड़कर, टेलीफोन, मोबाइल, ई-मेल और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी प्राद्योगिकियों का अधिकतम उपयोग करके यात्रा से बचना चाहिए।
परिपत्र के अनुसार, "अपरिहार्य परिस्थितियों" को छोड़कर विदेशी दौरों की योजना नहीं बनाई जानी चाहिए। इसमें कहा गया है कि जब तक बिल्कुल आवश्यक न हो, विदेश में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सेमिनार, अध्ययन दौरों और सम्मेलनों में भाग लेने से भी बचा जाना चाहिए।
परिपत्र के मुताबिक, गुजरात से बाहर होने वाली बैठकें ऑनलाइन आयोजित की जानी चाहिए, और यदि यात्रा अपरिहार्य हो तो वरिष्ठ अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अत्यंत आवश्यक न होने पर उनके अधीनस्थ कर्मचारी उनके साथ न जाएं।
अधिकारियों या कर्मचारियों को यथासंभव अपने संबंधित जिले से बाहर आधिकारिक यात्रा से बचना चाहिए। इसमें कहा गया है कि यदि ऐसी यात्रा आवश्यक हो जाती है, तो नियंत्रण प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए।
परिपत्र में कहा गया है कि सभी प्रशासनिक विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों को अपने पास उपलब्ध सरकारी वाहनों की समीक्षा करनी चाहिए और अतिरिक्त वाहनों का उपयोग बंद कर देना चाहिए।
इसमें कहा गया है कि यदि कोई अधिकारी एक से अधिक कार्यालयों या सरकारी निकायों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहा है, तो एक प्राथमिक वाहन को छोड़कर, उन्हें आवंटित अन्य सभी अतिरिक्त सरकारी वाहन तुरंत वापस ले लिए जाने चाहिए और उन्हें गाड़ियों के केंद्रीय बेड़े में भेज दिया जाना चाहिए।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि विकल्प उपलब्ध हो, तो वे पेट्रोल, डीजल आदि से चलने वाले वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) या हाइब्रिड मॉडल को प्राथमिकता दें। उन्हें यथासंभव मेट्रो, सरकारी बस और ट्रेन जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करने का भी निर्देश दिया गया है।
परिपत्र में उल्लेख किया गया है कि सभी सरकारी कैंटीन को अगले छह महीनों के भीतर पाइप से आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) का कनेक्शन प्राप्त करना होगा।
भाषा सुमित माधव
माधव
2005 2109 गांधीनगर