गर्मी बढ़ने के बीच दिल्ली के अस्पतालों में लू मरीजों की संख्या बढ़ी
अविनाश
- 20 May 2026, 09:05 PM
- Updated: 09:05 PM
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ने के बीच शहर के अस्पतालों में निर्जलीकरण, थकावट, चक्कर आना और गर्मी से संबंधित अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
राजधानी में मंगलवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में भीषण लू की आशंका को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
डॉक्टरों ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में तापमान सामान्य से ऊपर बने रहने के कारण थकावट, मांसपेशियों में ऐंठन, निर्जलीकरण, सुस्ती और शरीर में जरूरी खनिज लवणों का संतुलन बिगड़ने से जुड़ी शिकायतों में तेजी से वृद्धि हुई है।
एक निजी अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर अरविंद कुमार अग्रवाल ने कहा कि आपातकालीन इकाइयों में निर्जलीकरण, थकावट और लू के शुरुआती लक्षणों वाले रोगियों की संख्या में "तेजी से वृद्धि" देखी जा रही है।
उनके अनुसार, लू के रोज़ाना करीब 15-20 मामले अस्पताल आ रहे हैं जिनमें से तीन से चार मामलों का इलाज आपातकालीन विभाग में किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें तत्काल उपचार की जरूरत होती है।
अग्रवाल ने कहा कि कुछ मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है, विशेष रूप से वे मरीज जिनमें मानसिक स्थिति में बदलाव, उच्च तापमान और शरीर में जरूरी लवणों के असंतुलन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उपचार में देरी से मस्तिष्क, गुर्दे और हृदय प्रणाली प्रभावित हो सकती है।
एक अन्य अस्पताल के डॉक्टर आरएस मिश्रा ने कहा कि बाह्य रोगी विभागों और आपातकालीन इकाइयों में मरीज़ों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
मिश्रा ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, खुले में काम करने वाले 20 से 50 आयु वर्ग के मजदूरों और बच्चों को निर्जलीकरण का खतरा ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि गर्मी की वजह से त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर भी मरीज़ आ रहे हैं।
एक अन्य वरिष्ठ डॉक्टर अतुल ककड़ ने कहा कि मरीजों में आम तौर पर सुस्ती, कमजोरी, बुखार, मतली, पैरों में सूजन और शरीर का तापमान बढ़ने जैसी शिकायतें देखी गईं। वहीं धूप के संपर्क में आने के कारण त्वचा में खुजली और जलन की समस्या भी सामने आ रही है, खासकर बुजुर्ग मरीजों में।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, ढीले सूती कपड़े पहनें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। उन्होंने यह भी सलाह दी कि केवल सादा पानी पर निर्भर रहने के बजाय इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थ, ओआरएस, नींबू पानी, सूप और मौसमी फलों के रस का सेवन करें।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश
2005 2105 दिल्ली