पांच साल से अधिक पुराने मामलों के तीव्र निपटान हेतु विशेष अदालतें गठित की जानी चाहिए: शाह
राजकुमार
- 19 May 2026, 10:14 PM
- Updated: 10:14 PM
(तस्वीरों के साथ)
जगदलपुर, 19 मई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा है कि पांच साल से अधिक पुराने मामलों के तेजी से निपटारे के लिए उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतें गठित करनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने कहा कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम और बलात्कार के मामलों में अगर समय से डीएनए जांच हो जाए तो इनमें दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ-साथ इन सदस्य राज्यों और केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है।
उन्होंने कहा, ''आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय लिए। साथ ही सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।''
शाह ने कहा, ''हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी लड़ाई समाप्त नहीं होगी।''
केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूरे देश के नक्सल मुक्त होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन किया।
अमित शाह ने कहा, ''राज्यों के बीच के तथा राज्यों और केन्द्र के बीच के सभी विवादित मुद्दे समाप्त कर हम आज एक अच्छे वातावरण में यह बैठक कर रहे हैं। आज की बैठक में सभी एजेंडा विकास की निगरानी से संबंधित थे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा संघीय ढांचा मजबूत हुआ है और क्षेत्रीय परिषद की बैठकें निरंतर हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़े भूभाग में चार राज्यों के बीच और चार राज्यों का केन्द्र के साथ कोई विवाद ही नहीं बचा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।''
उन्होंने कहा, ''जल जीवन मिशन -2 पर हमें अभी से फोकस करना चाहिए और हर घर में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। स्वास्थ्य, पोषण और समाज कल्याण बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं।''
गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों और सभी मुख्य सचिवों से आह्वान किया कि कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बीच में स्कूली पढ़ाई छोड़ देने की दर तथा स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी और अधिक कार्य हों।
शाह ने कहा, ''यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम और बलात्कार के मामलों में अगर समय से डीएनए जांच हो जाए तो इनमें दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत हो सकती है। अदालतों में लंबित पड़े पांच साल से अधिक पुराने मामलों के तेजी से निपटारे के लिए उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतें गठित करनी चाहिए। गंभीर अपराधों में शासन को ऐसी गंभीरता दिखानी चाहिए।''
शाह ने कहा कि मिलावटखोरी के मामलों में जो मामले दर्ज होते हैं और जुर्माना लगता है तो उसके प्रचार की भी व्यवस्था करनी चाहिए, फलस्वरूप जनता को पता चलेगा कि दोषी दुकानों पर मिलावट वाली चीजें मिलती हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद बैठकों का एक मजबूत और जीवंत तंत्र बना है।
शाह ने कहा, ''हर पांच किलोमीटर के दायरे में बैंक की सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि हमारी सभी योजनाएं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) आधारित हैं, इसीलिए सभी राज्यों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।''
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली की तीनों नवीन न्याय संहिता पर बहुत अच्छा अमल हुआ है। उन्होंने कहा कि अब भी इसमें बहुत सारे मुद्दे ऐसे हैं जिनके क्रियान्वयन पर हमें बल देना होगा।
भाषा संजीव
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