पूर्व जज ने बहू के नशे का आदि होने का दावा किया, अदालत ने बेटे की जमानत याचिका खारिज की
रंजन
- 18 May 2026, 08:05 PM
- Updated: 08:05 PM
भोपाल, 18 मई (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 33 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने सोमवार को उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया, जब उसके अधिवक्ता पति के लिए दायर जमानत याचिका में दावा किया गया कि उसे नशे की लत थी और उसका मनोरोग का उपचार हो रहा था।
इस बीच, एक स्थानीय अदालत ने फरार पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले, अदालत ने पीड़िता ट्विशा की सास एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी पति समर्थ सिंह के वकील ने ट्विशा की मानसिक स्थिति और दवाइयों पर सवाल उठाए, वहीं मरने वाली महिला के परिवार के वकील ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया।
अदालत के फैसले के बाद ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने 'पीटीआई-वीडियो' से बातचीत में कहा कि अग्रिम जमानत खारिज होना हमारी जीत नहीं है।
उन्होंने कहा, "दोनों को सजा हो तब हमारी जीत होगी।"
नवनिधि शर्मा ने समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे 'पैसे और पावर' का इस्तेमाल कर उच्च न्यायालय से जमानत ले आएंगे।
उल्लेखनीय है कि 2024 में एक डेटिंग ऐप के माध्यम से मुलाकात के बाद दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह और ट्विशा ने शादी की थी। उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फांसी पर लटकी पाई गई थीं।
ट्विशा के परिवार का दावा है कि दहेज उत्पीड़न के कारण उसकी हत्या की गई है। हालांकि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
एसआईटी का नेतृत्व कर रहे मिसरोद सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश कश्यप ने कहा कि समर्थ सिंह का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
कश्यप ने कहा कि एम्स भोपाल से मिली प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाकर आत्महत्या करने के कारण मौत होने का संकेत मिलता है।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान फांसी पर लटकने में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई रस्सी को एम्स नहीं भेजने में लापरवाही पाई गई है और इस मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कश्यप ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''जमानत याचिका में ट्विशा के नशे की लत होने के आरोपों का जिक्र किया गया है, लेकिन हम प्राथमिकी की धाराओं के अनुसार मामले की सख्ती से जांच कर रहे हैं।"
गिरिबाला सिंह द्वारा जिला अदालत में अपने बेटे के लिए दायर जमानत याचिका में आरोप लगाया गया है कि ट्विशा नशीले पदार्थों की आदी थी और जब उसके पास नशीले पदार्थों तक पहुंच नहीं होती थी तो वह चिड़चिड़ी हो जाती थी और उसके हाथ पांव कांपने लगते थे।
इसमें यह भी दावा किया गया है कि ट्विशा का मनोरोग उपचार और परामर्श चल रहा था।
याचिका में कहा गया है कि ट्विशा ने 17 अप्रैल को विमान से दिल्ली की यात्रा की थी और अगले दिन अपने माता-पिता के घर पहुंचने से पहले करीब 12 घंटे तक उसका कोई पता नहीं था।
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि गर्भवती होने के बाद उसके ससुराल वालों के प्रति उसका व्यवहार बदल गया। इसमें यह भी कहा गया कि घटना के दिन उसका पति उसे ब्यूटी सैलून में ले गया था।
याचिका में ट्विशा के गर्भपात का भी दावा किया गया है। समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत के लिए दायर इस याचिका की प्रति सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने जमानत याचिका में दहेज उत्पीड़न के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि ट्विशा को उसकी जरूरतों के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन पैसे दिए जाते थे।
याचिका में कथित तौर पर सहायक दस्तावेजों के रूप में 5,000 रुपये से 50,000 रुपये तक की लेनदेन रसीदें भी शामिल की गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी शर्मा की मौत के बाद दहेज उत्पीड़न, शारीरिक हमले और सबूत नष्ट करने के कथित प्रयासों से संबंधित आरोपों की जांच करेगी।
रविवार को पीड़ित ट्विशा शर्मा के परिवार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की।
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने स्थानीय जांच पर सवाल खड़े करते हुए इसकी जांच में हस्तांतरित करने की भी मांग की है।
पीड़िता के रिश्तेदारों के अनुसार, वह भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी और घटना के दिन रात करीब 10 बजे तक उनके संपर्क में रही।
भाषा ब्रजेन्द्र रंजन
रंजन
1805 2005 भोपाल