नीट पेपर लीक मामले में लातूर के कोचिंग सेंटर का संस्थापक गिरफ्तार
नरेश
- 18 May 2026, 07:36 PM
- Updated: 07:36 PM
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा- स्नातक (नीट यूजी) प्रश्नपत्र लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के संस्थापक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रेणुकाई केमिस्ट्री सेंटर (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को रविवार शाम गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने रविवार को मोटेगांवकर के आवास की तलाशी ली थी और उस दौरान मेडिकल प्रवेश परीक्षा का लीक हुआ प्रश्न पत्र उसके मोबाइल फोन से मिला। इसके बाद मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि मोटेगांवकर नीट यूजी प्रश्नपत्र को लीक करने और प्रसारित करने में शामिल संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था।
मोटेगांवकर के कोचिंग सेंटर की लातूर स्थित मुख्य शाखा सहित नौ शाखाएं हैं।
सीबीआई ने गिरफ्तारी के अपने आधारों में कहा है कि अन्य आरोपियों के साथ, मोटेगांवकर को परीक्षा से दस दिन पहले 23 अप्रैल को प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त हुए थे।
उन्होंने बताया कि सीबीआई जब्त किए गए मोबाइल फोन को फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजेगी ताकि यदि कोई डेटा मिटाया गया हो तो उसे पुन: प्राप्त किया जा सके।
सीबीआई का आरोप है कि मोटेगांवकर ने लीक हुए प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां हस्तलिखित नोट्स के रूप में कई लोगों को उपलब्ध कराई थीं, जिन्हें परीक्षा होने के बाद नष्ट कर दिया गया था।
एक सीबीआई प्रवक्ता ने बयान में कहा, "वह एनटीए से संबद्ध रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी का करीबी है। उसके संस्थान और आवास पर तलाशी के दौरान रसायन विज्ञान के प्रश्नपत्र बरामद हुए, जिनमें तीन को आयोजित परीक्षा में पूछे गए प्रश्न थे।"
एजेंसी ने रविवार दोपहर लातूर के शिवनगर इलाके में स्थित कोचिंग सेंटर की तलाशी ली। शुक्रवार को मोटेगांवकर से उसी इलाके में उसके आवास पर करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई।
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, "पिछले 24 घंटों में, एजेंसी ने पांच जगहों पर तलाशी अभियान चलाया और कई दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए। जब्त की गई वस्तुओं का विस्तृत विश्लेषण जारी है।"
बयान में कहा गया है कि अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इससे पहले, सीबीआई ने रसायन विज्ञान के लेक्चरर कुलकर्णी और जीव विज्ञान की लेक्चरर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया था, जो दोनों मनीषा वाघमारे नामक एक महिला के माध्यम से एक-दूसरे को जानते थे। मनीषा वाघमारे भी सीबीआई की हिरासत में है।
आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने वाघमारे को परीक्षा से पहले नीट उम्मीदवारों को विशेष सत्रों के लिए लाने के लिए राजी किया था।
अधिकारियों के अनुसार, छात्रों ने सत्रों में भाग लेने के लिए कथित तौर पर कई लाख रुपये दिए। इन सत्रों में उन्होंने प्रश्नों को नोटबुक में लिखा और ये प्रश्न बाद में वास्तविक प्रश्नपत्र से ''हूबहू मेल खाए'' पाए गए।
उन्होंने कहा, ''विशेष टीमों द्वारा जांच जारी है और अब तक की जांच से परीक्षा से पहले वितरित किए गए प्रश्न पत्रों के लीक होने के वास्तविक स्रोत का पता चला है।''
प्रवक्ता ने कहा, ''इसके अलावा, उन बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया गया है जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को विशेष कोचिंग कक्षाओं में शामिल होने के लिए एकत्र किया, जहां नीट परीक्षा में आने वाले प्रश्न पढ़ाए गए।''
नीट-यूजी परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।
एनटीए के अनुसार, परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद यानी सात मई की शाम को कथित कदाचार के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई।
भाषा
अविनाश नरेश
नरेश
1805 1936 दिल्ली