वी. डी. सतीशन सरकार: अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरे भी शामिल
नरेश
- 18 May 2026, 03:06 PM
- Updated: 03:06 PM
तिरुवनंतपुरम, 18 मई (भाषा) विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को शानदार जीत दिलाने के बाद पार्टी नेता वी. डी. सतीशन ने सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे सेंट्रल स्टेडियम में सतीशन के साथ 20 मंत्रियों ने भी शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सभी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
नए मंत्रिमंडल में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों का संगम है। मंत्रिमंडल में 14 ऐसे विधायक हैं जो पहली बार मंत्री बने हैं, जिनमें स्वयं सतीशन भी शामिल हैं जिन्होंने इससे पहले सरकार में कभी कोई पद नहीं संभाला है।
मंत्रिमंडल में दो महिलाएं और अनुसूचित जाति समुदाय के दो सदस्य भी शामिल हैं, जो एक व्यापक सामाजिक विविधता को दर्शाता है।
मंत्रिस्तरीय पदों में से कांग्रेस के पास 11 विभाग हैं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के पास पांच जबकि अन्य सहयोगियों को एक-एक विभाग का कार्यभार दिया गया है।
यूडीएफ से मंत्री रमेश चेन्निथला के परिचय पर एक नजर:
यूडीएफ मंत्रिमंडल के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक रमेश चेन्निथला (69) ने केरल में तीसरी बार मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है। कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने 1986 में 28 वर्ष की आयु में सबसे कम उम्र में मंत्री बनकर रिकॉर्ड बनाया था।
अलाप्पुझा के हरिपाद से विधायक चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल थे। उन्हें गृह और सतर्कता मंत्रालय का प्रभार दिए जाने की संभावना है। उन्होंने 2011 से 2016 की यूडीएफ सरकार के दौरान कुछ समय के लिए गृह मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। अपने पांच दशक लंबे राजनीतिक करियर में वह सांसद और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
पी. के. कुन्हालीकुट्टी:
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के वरिष्ठ नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी (74) लंबे समय से पार्टी का चेहरा रहे हैं। वह पहली बार 1982 में विधानसभा के लिए चुने गए थे और के. करुणाकरण, ए.के. एंटनी एवं ओमन चांडी के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं।
अपने गृह क्षेत्र मलप्पुरम से निर्वाचित कुन्हालीकुट्टी को उद्योग मंत्री बनाए जाने की संभावना है, यह विभाग उन्होंने पिछली तीन यूडीएफ सरकारों में भी संभाला था। 2017 में वह उपचुनाव में संसद के लिए चुने गए थे और 2019 के आम चुनाव में पुनः निर्वाचित हुए।
के. मुरलीधरन:
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण के पुत्र के. मुरलीधरन (69) अपनी हाजिरजवाबी और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। वट्टियूरकावु से तीन बार विधायक रह चुके मुरलीधरन पूर्व केपीसीसी प्रमुख का कार्यभार संभाल चुके हैं और बिजली मंत्री भी रह चुके हैं। वह वडाकारा से संसद के लिए भी चुने जा चुके हैं। वह मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों में से एक होंगे।
सनी जोसफ:
केपीसीसी अध्यक्ष रह चुके सनी जोसेफ को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। उन्होंने कन्नूर के पेरावूर निर्वाचन क्षेत्र से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता के.के. शैलजा को हराया है। हालांकि वह 2011 से कन्नूर के पेरावूर से विधायक हैं, लेकिन यह पहली बार है जब वह मंत्री बन रहे हैं।
पेशे से वकील सनी जोसफ को केपीसीसी अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान यूडीएफ की ऐतिहासिक जीत के बाद यह पदोन्नति मिली है जिससे मंत्रिमंडल के लिए उनका चयन स्वाभाविक था।
ए. पी. अनिल कुमार:
ए. पी. अनिल कुमार (61) मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह 2001 से मलप्पुरम के वंडूर से विधायक हैं। कांग्रेस नेता ने 2011 से 2016 की ओमन चांडी सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। उनका अनुभव इस सरकार के लिए महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है, जिसमें कई नए चेहरे शामिल हैं।
मॉन्स जोसफ:
केरल कांग्रेस (जोसफ) के नेता मॉन्स जोसेफ (62) पार्टी के अध्यक्ष पी. जे. जोसफ के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले के बाद मंत्रिमंडल के लिए स्वाभाविक पसंद थे। वह 2006 से कडुथुरुथी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले जब उनकी पार्टी वाम मोर्चे का हिस्सा थी तब वह वी. एस. अच्युतानंदन के नेतृत्व वाली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार में मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं।
शिबू बेबी जॉन:
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी नेता शिबू बेबी जॉन (62) अपने राजनीतिक करियर में दूसरी बार मंत्री पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह ओमन चांडी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। वह राज्य विधानसभा में कोल्लम जिले के चावरा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वरिष्ठ नेता बेबी जॉन के पुत्र शिबू राजनीति में आने से पहले व्यवसायी और फिल्म निर्माता भी थे।
सी पी जॉन:
कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी (सीएमपी) के नेता सी. पी. जॉन (68) तिरुवनंतपुरम सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करने के बाद पहली बार मंत्री बने हैं। पूर्व माकपा नेता ने 1980 के दशक के उत्तरार्ध में एम. वी. राघवन के साथ पार्टी छोड़कर सीएमपी का गठन किया था। उन्हें विधानसभा चुनाव में जीत के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। हालांकि, राज्य योजना बोर्ड में काम करने सहित उनके पास व्यापक अनुभव है, जो उन्हें मंत्रिमंडल में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बनाता है।
अनूप जैकब:
केरल कांग्रेस (जैकब) के संस्थापक टी. एम. जैकब के पुत्र अनूप जैकब (48) अपने पिता के निधन के बाद से 2012 से पिरावोम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने ओमन चांडी सरकार में नागरिक आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्य किया था। ऐसी खबरें हैं कि वह ढाई साल तक मंत्री पद पर बने रहेंगे और बाद में निर्दलीय विधायक मणि सी. कप्पन उनकी जगह ले सकते हैं।
भाषा
सुरभि नरेश
नरेश
1805 1506 तिरुवनंतपुरम