एससीओ शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान की स्थिति, यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की संभावना
सिम्मी
- 02 Jul 2024, 11:39 AM
- Updated: 11:39 AM
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के पहले भारत ने मंगलवार को कहा कि इस समूह के नेताओं द्वारा पिछले दो दशक में अपनी गतिविधियों की समीक्षा किए जाने और बहुपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर चार जुलाई को होने वाले एससीओ के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे।
इस शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान की स्थिति, यूक्रेन संघर्ष और एससीओ सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि एससीओ में भारत की प्राथमिकताओं को एक ‘सिक्योर’ (सुरक्षित) एससीओ को लेकर प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि ने आकार दिया है।
‘सिक्योर’ का तात्पर्य ‘सिक्योरिटी’ (सुरक्षा), ‘इकोनॉमिक कॉरपोरेशन’ (आर्थिक सहयोग), ‘कनेक्टिविटी’ (संपर्क), ‘यूनिटी’ (एकता), संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के लिए ‘रिस्पेक्ट’ (सम्मान) और ‘एनवायरमेंटल’ (पर्यावरणीय) सुरक्षा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर इस शिखर सम्मेलन के लिए अस्ताना में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
उसने कहा, ‘‘शिखर सम्मेलन में नेताओं के पिछले दो दशकों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और बहुपक्षीय सहयोग की स्थिति व संभावनाओं पर चर्चा करने की उम्मीद है।’’
उसने एक बयान में कहा, ‘‘बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।’’
एससीओ के सदस्यों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। यह एक प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा संगठन है जो सबसे बड़े अंतर-क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक के रूप में उभरा है।
कजाखस्तान इस समूह का मौजूदा अध्यक्ष होने के नाते इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
पिछले साल भारत एससीओ का अध्यक्ष था। उसने पिछले साल जुलाई में डिजिटल माध्यम से एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी।
एससीओ की स्थापना रूस, चीन, किर्गिस्तान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में की थी। पाकिस्तान और भारत 2017 में इसके स्थायी सदस्य बने।
भाषा
गोला