अरुणाचल : मंत्रिमंडल ने प्रश्नपत्र लीक विरोधी नियमों, सुधारों और मितव्ययिता उपायों को मंजूरी दी
नरेश
- 14 May 2026, 05:53 PM
- Updated: 05:53 PM
ईटानगर, 14 मई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों को मंजूरी दे दी, जिनमें भर्ती परीक्षाओं के लिए नये प्रश्नपत्र लीक विरोधी नियम, सख्त इनर लाइन परमिट (आईएलपी) शर्तें और मंत्रियों तथा सरकारी अधिकारियों के लिए खर्चों में कटौती संबंधी विभिन्न उपाय शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में शासन, भर्ती, शहरी विकास, कल्याण और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में संस्थागत सुधार संबंधी कई प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्रिमंडल ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खर्चों में कटौती संबंधी अपील के बीच कई मितव्ययिता उपायों की भी घोषणा की, जिनमें मंत्रियों और अधिकारियों के विदेश यात्रा करने पर एक साल का प्रतिबंध, वीआईपी काफिलों में शामिल वाहनों में 50 फीसदी की कटौती, बैठकों के लिए "पहले ऑनलाइन नीति", नयी गाड़ियों की खरीद पर रोक, ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा देना, बिजली की बचत संबंधी उपाय लागू करना, जैविक खेती को प्रोत्साहित करना और "स्थानीय खरीदें, स्वदेशी खरीदें" पहल को बढ़ावा देना शामिल है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक और अन्य कदाचार के खिलाफ सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए 'अरुणाचल प्रदेश सरकारी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) नियम-2026' बनाने को मंजूरी दे दी।
बयान के अनुसार, ये नियम अरुणाचल प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के प्रावधानों को लागू करते हैं और निगरानी तंत्र, परीक्षा संबंधी अपराधों की शिकायत प्रक्रिया और परीक्षा अधिकारियों एवं पदाधिकारियों की नियुक्ति का प्रावधान करते हैं।
बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों, मुख्य अभियंताओं और कई अन्य पदों के लिए भर्ती नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है, ताकि भर्ती प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित और सेवा शर्तों को अद्यतन किया जा सके।
इसमें कहा गया है कि कृषि विभाग में योजना अधिकारी समूह 'बी' भर्ती नियमों में संशोधन को स्वीकृति दे दी गई है, ताकि वेतनमान, पदोन्नति मानदंड और अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के साथ परामर्श प्रक्रियाओं से संबंधित बदलावों को लागू किया जा सके।
बयान में कहा गया है कि संशोधित नियमों को अब सामान्य अरुणाचल सेवा 'योजना अधिकारी समूह 'बी', राजपत्रित, गैर-मंत्रालयी नियम-2026 के रूप में जाना जाएगा।
इसमें कहा गया है कि भूमि प्रबंधन विभाग के अंतर्गत नवनिर्मित समूह-सी के 20 पदों के लिए भर्ती नियमों को भी मंजूरी दे दी गई है, जिनमें कंप्यूटर सहायक के 10 और वरिष्ठ कंप्यूटर सहायक के 10 पद शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने गृह विभाग के उस प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है, जिसमें बांदरदेवा स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में कम्पाउंडर के एकमात्र पद का स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के अंतर्गत फार्मासिस्ट कैडर में विलय करने की बात कही गई है।
इसमें कहा गया है कि उन पात्र उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा से एक बार की छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है, जो पहले ही शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके थे और बाद में जुलाई 2025 में अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से सिविल पुलिस, अरुणाचल सशस्त्र पुलिस बटालियन और भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे।
बयान के अनुसार, आईएलपी सुधारों के सिलसिले में मंत्रिमंडल को आईएलपी प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल बनाने वाले 2026 के नये दिशा-निर्देशों के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें क्यूआर-कोड के जरिये सत्यापन, आधार आधारित प्रमाणीकरण, कार्य परमिट के लिए पुलिस सत्यापन, उल्लंघन के लिए सख्त सजा और जिला-स्तरीय प्रवर्तन अभियान का प्रावधान शामिल है।
बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश किरायेदार नियम-2026 को भी मंजूरी दे दी जिसका मकसद किराया प्राधिकरणों, किराया अदालतों और किराया न्यायाधिकरणों की स्थापना के जरिये एक पारदर्शी किराया आवास प्रणाली विकसित करना है।
इसमें कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने प्रस्तावित 'अरुणाचल प्रदेश हवाई अड्डा क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक-2026' पर भी चर्चा की, जिसमें हवाई अड्डों के आसपास के क्षेत्रों में नियोजित शहरी विकास का प्रावधान शामिल है।
बयान में कहा गया है कि वित्तीय प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए वित्त विभाग को सहायक लेखा परीक्षकों के भर्ती नियमों में संशोधन करने और उप-कोष लेखाकारों के लिए नये नियम बनाने की मंजूरी दे दी गई।
बयान के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने वीरता पदक से सम्मानित राज्य के लोगों के लिए नकद सम्मान में वृद्धि को भी मंजूरी दे दी।
इसमें कहा गया है कि परमवीर चक्र से सम्मानित लोगों के लिए सम्मान राशि मौजूदा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है, जबकि अशोक चक्र और महावीर चक्र के प्राप्तकर्ता को अब 30 लाख रुपये के बजाय 50 लाख रुपये मिलेंगे।
बयान में कहा गया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत नर्सिंग कॉलेज और स्कूल में प्रधानाचार्यों और वार्डन के नवसृजित पदों के लिए भर्ती नियमों को भी मंजूरी दे दी गई है।
इसमें कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने पांच एएनएम स्कूल को जीएनएम संस्थानों में उन्नत करने के लिए एक महीने के भीतर एक समिति गठित करने का निर्देश भी दिया है।
बयान के अनुसार, सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से वित्तीय सहायता के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दे दी है।
भाषा पारुल नरेश
नरेश
1405 1753 ईटानगर