चीन-अमेरिका संबंधों के लिए 2026 'ऐतिहासिक, मील का पत्थर साबित होने वाले साल' होगा : शी चिनफिंग
शोभना
- 14 May 2026, 11:51 AM
- Updated: 11:51 AM
(के जे एम वर्मा)
बीजिंग, 14 मई (भाषा) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बीजिंग स्थित 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल' में वार्ता के लिए स्वागत किया और कहा कि 2026 चीन-अमेरिका संबंधों के लिए ''ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाला साल'' होगा।
दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के नेताओं के बीच बृहस्पतिवार और शुक्रवार को कई दौर की बातचीत होनी है।
'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल' चीन की राजधानी बीजिंग में स्थित एक भव्य सरकारी भवन और राष्ट्रीय सभा स्थल है।
शी ने 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल' पहुंचने पर ट्रंप का स्वागत किया और उनका चीनी अधिकारियों से परिचय कराया। इसके बाद शी ने ट्रंप के साथ आए अमेरिकी अधिकारियों से हाथ मिलाया। बाद में दोनों नेताओं ने एक साथ सलामी गारद का निरीक्षण किया और फिर वार्ता के लिए रवाना हुए।
बैठक की शुरुआत में शी चिनफिंग ने ट्रंप से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 2026 चीन-अमेरिका संबंधों के लिए ''ऐतिहासिक और निर्णायक वर्ष'' साबित होगा।
उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को मिलकर इस दौर की चुनौतियों का जवाब देना चाहिए।
दोनों नेताओं के बीच बीजिंग में हो रही इस बैठक पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं।
सरकारी मीडिया ने बताया कि ट्रंप ने कहा कि वह राष्ट्रपति शी के साथ ''बड़ी चर्चा'' को लेकर उत्साहित हैं।
ट्रंप बुधवार रात बीजिंग पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।
ट्रंप की यह यात्रा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच हो रही है, जिसका असर खासकर एशिया पर पड़ा है।
इस दौरान शी और ट्रंप के बीच ईरान युद्ध, व्यापार, तकनीक और ताइवान समेत कई विवादित मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बीजिंग हवाई अड्डे पर ट्रंप का स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने किया, जिसे कूटनीतिक प्रोटोकॉल से हटकर एक दुर्लभ सम्मान माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, चीन आने वाले अधिकतर शीर्ष नेताओं का स्वागत आम तौर पर स्टेट काउंसिलर करते हैं जो सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का एक वरिष्ठ पद है। यहां तक कि शी के करीबी सहयोगी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत भी ऐसे ही किया गया था।
विश्लेषकों का मानना है कि उपराष्ट्रपति हान झेंग को ट्रंप के स्वागत के लिए भेजकर चीन ने उनकी यात्रा के महत्व का संदेश दिया है।
ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप, बहू लारा ट्रंप और टेस्ला प्रमुख एलन मस्क भी एयर फोर्स वन से उनके साथ उतरे।
चीन यात्रा पर ट्रंप के साथ अमेरिका के कई बड़े कारोबारी नेता भी आए हैं। इनमें एनवीडिया के जेन्सन हुआंग, एप्पल के टिम कुक, टेस्ला और स्पेसएक्स के मस्क और ब्लैक रॉक के लैरी फिंक सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ''मैं असाधारण नेतृत्व क्षमता वाले नेता राष्ट्रपति शी से आग्रह करूंगा कि वे चीन को और अधिक क्षेत्रों के लिए खोलें, ताकि ये प्रतिभाशाली लोग अपनी क्षमता दिखा सकें और चीन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।''
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि शी चिनफिंग से मुलाकात में यह उनका ''पहला अनुरोध'' होगा।
उन्होंने कहा, ''मैंने कभी ऐसा कोई विचार नहीं देखा या सुना जो हमारे दोनों महान देशों के लिए इससे ज्यादा लाभकारी हो।''
ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल में अंतिम समय में एनवीडिया प्रमुख जेन्सन हुआंग को शामिल किया जाना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सेमीकंडक्टर चिप अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा का केंद्र हैं।
चीन अपने कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीकी विकास के लिए सेमीकंडक्टर चिप्स चाहता है, जबकि अमेरिका मोबाइल फोन और विमान निर्माण में इस्तेमाल होने वाले दुर्लभ खनिजों की मांग कर रहा है।
ट्रंप के पहुंचने से पहले चीन के उप प्रधानमंत्री ही लिफेंग और अमेरिकी अधिकारी स्कॉट बेसेंट ने दक्षिण कोरिया में व्यापार वार्ता का अंतिम दौर पूरा किया, हालांकि उसके विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए।
अगले दो दिनों में ट्रंप और शी कई दौर की बैठकों में द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों खासकर ईरान युद्ध पर चर्चा करेंगे।
वार्ता में व्यापार और शुल्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीक, ताइवान, ताइपे को अमेरिकी हथियार बिक्री, ईरान और पश्चिम एशिया, दुर्लभ खनिज तथा आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है।
बीजिंग में ट्रंप के कार्यक्रम में 'टेम्पल ऑफ हेवन' का दौरा भी शामिल है। यह शाही मंदिरों का एक परिसर है, जहां पुराने समय में सम्राट अच्छी फसल के लिए प्रार्थना किया करते थे।
बीजिंग रवाना होने से पहले ट्रंप ने वॉशिंगटन में मीडिया से कहा था कि उनकी बातचीत का मुख्य विषय व्यापार होगा। उन्होंने कहा कि वह चीन के साथ ऐसे और समझौते करना चाहते हैं, जिनसे अमेरिका के खाद्य उत्पाद और विमान ज्यादा खरीदे जाएं।
दोनों देश आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए एक व्यापार मंडल गठित करने की भी योजना बना रहे हैं।
हालांकि, इस शिखर बैठक पर दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या इससे अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी खत्म करने की दिशा में कोई ठोस परिणाम निकलता है या नहीं।
भाषा गोला शोभना
शोभना
1405 1151 बीजिंग