राहुल के ‘हिंदू नहीं’ संबंधी तंज को लेकर महाराष्ट्र विधान परिषद में हंगामा, सदन की कार्यवाही स्थगित
संतोष प्रशांत
- 01 Jul 2024, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
मुंबई, एक जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र विधान परिषद में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राहुल गांधी के ‘हिंदू नहीं’ संबंधी तंज को लेकर भाजपा और महा विकास आघाडी (एमवीए) के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई जिसके कारण बार-बार बाधा उत्पन्न होने पर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।
भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने परिषद में यह मुद्दा उठाया और कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में हिंदुओं का अपमान किया है। लाड ने राहुल की टिप्पणियों की निंदा की जिस पर विपक्ष के नेता अंबादास दानवे, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस विधायकों ने तीखा प्रतिक्रिया की।
उन्होंने लाड द्वारा गांधी की टिप्पणियों को सदन में उठाने पर आपत्ति जताई और उपसभापति नीलम गोरहे से हस्तक्षेप की मांग की।
लाड ने राहुल गांधी के खिलाफ नारे भी लगाए। हंगामे के बीच गोरहे ने शाम 4.25 बजे परिषद की कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया। शाम करीब साढ़े चार बजे परिषद की बैठक फिर से शुरू होने के बाद प्रवीण दरेकर सहित अन्य भाजपा विधायक लाड के साथ शामिल हो गए, जिससे सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए फिर से स्थगित करनी पड़ी।
सत्ता पक्ष के सदस्यों और विपक्ष का हंगामा जारी रहने पर उपसभापति ने परिषद की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर देश में हिंसा, नफरत तथा डर फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि ‘‘ये लोग हिंदू नहीं हैं’’, जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार तरीके से विरोध जताया।
गांधी ने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या (प्रधानमंत्री नरेन्द्र)मोदी जी पूरा हिंदू समाज नहीं हैं।
राहुल ने कहा, ‘‘ सभी धर्म और हमारे सभी महापुरुष अहिंसा और निडरता की बात करते हैं, लेकिन जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं वे केवल हिंसा, नफरत और झूठ की बात करते हैं....आप हिंदू हो ही नहीं।’’
दरेकर ने कहा, ‘‘उपसभापति को राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उनकी टिप्पणियों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। सदन को उनके शब्दों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। वह कहते हैं, ‘हिंदू हिंसक हैं’। हम सदन को आगे नहीं चलने देंगे।’’
लाड ने मांग की कि परिषद में गांधी की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें (राहुल गांधी को) इटली भेज दीजिए।’’
दानवे ने कहा कि तथाकथित टिप्पणियां गांधी द्वारा लोकसभा में की गई थीं और उनका राज्य विधान परिषद के कामकाज से कोई संबंध नहीं है।
भाषा
संतोष