नीट मामले पर राहुल का आरोप: 'तथाकथित अमृतकाल' अब 'विषकाल' बन गया है
पवनेश
- 12 May 2026, 07:16 PM
- Updated: 07:16 PM
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अनियमितताओं के आरोपों के चलते मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी-2026' को रद्द किए जाने के बाद मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तथाकथित अमृतकाल अब 'विषकाल' बन गया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी-2026' को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की तथा सरकार ने सीबीआई को इन 'अनियमितताओं' की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया।
एनटीए ने कहा कि यह परीक्षा अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित की जायेगी।
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''नीट 2026 की परीक्षा रद्द हो गई। 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी मां ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला- पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।''
उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ''हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।''
राहुल गांधी ने कहा, ''अगर तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुंच से तय होगी तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?''
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
बाद में उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ''देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूं। एक काम कीजिए, खुद गूगल कीजिए कि नीट 2024 की भयंकर चोरी के दौरान एनटीए का महानिदेशक कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?''
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है, उनकी रक्षा करती है, ऊपर से उन्हें तरक्की देती है।
उन्होंने दावा किया, ''साफ़ है कि मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में ख़ुद साझेदार हैं। जिस बाज़ार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है, जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।''
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति की 371वीं रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि केवल 2024 में ही एनटीए द्वारा आयोजित 14 राष्ट्रीय परीक्षाओं में से 5 में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए।
उन्होंने कहा, ''16 जून 2024 को शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) ने स्वीकार किया था कि एनटीए को 'बहुत सुधार की जरूरत' है। दो साल बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इस स्वीकारोक्ति के बाद आखिर क्या कार्रवाई हुई।''
रमेश ने कहा कि अब यह लगातार स्पष्ट होता जा रहा है कि केवल सुधार नहीं, बल्कि उससे जुड़े पूरे तंत्र के बुनियादी पुनर्गठन की जरूरत है, ताकि इसे मोदी सरकार के भ्रष्ट हाथों से बाहर रखा जा सके।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
भाषा हक
हक पवनेश
पवनेश
1205 1916 दिल्ली