वीसीके, आईयूएमएल ने दिया समर्थन; विजय ने बहुमत के लिए जरूरी संख्या बल हासिल किया
दिलीप
- 09 May 2026, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
चेन्नई, नौ मई (भाषा) तमिलनाडु में नयी सरकार के गठन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति आखिरकार शनिवार को खत्म हो गई। वीसीके और आईयूएमएल ने अभिनेता से नेता बने विजय को ''बिना शर्त समर्थन'' दिया, जिससे तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने 234 सदस्यीय विधानसभा में साधारण बहुमत के लिए जरूरी संख्या बल अब हासिल कर लिया है।
थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) ने आखिरकार विजय को समर्थन दे दिया। पार्टी के दो विधायक हैं।
लंबे समय से वाम दलों की सहयोगी रही वीसीके ने पहले ही घोषणा की थी कि उसका निर्णय वामपंथी पार्टियों के रुख के अनुरूप रहेगा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शुक्रवार को विजय को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। दोनों वाम दलों के दो-दो विधायक हैं।
विजय का समर्थन करने से जुड़े वीसीके के निर्णय के कुछ ही देर बाद, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक और सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने भी टीवीके को समर्थन दे दिया। आईयूएमएल के दो विधायक हैं।
वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से टीवीके के पास संख्या बल बढ़कर 120 हो गया, जो तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से दो अधिक है।
विजय शनिवार शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने के लिए लोक भवन रवाना हुए, लेकिन कथित तौर पर मुलाकात का समय नहीं दिये जाने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
हालांकि, बाद में टीवीके प्रमुख विजय ने कांग्रेस और सहयोगी दलों के नेताओं के साथ राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की, जिस दौरान राज्य में नयी सरकार के गठन पर चर्चा हुई।
इससे पहले, भाकपा के प्रदेश सचिव एम. वीरपांडियन ने विजय को ''परेशान'' करने के लिए राज्यपाल की आलोचना की थी।
विधानसभा चुनाव के बाद, राज्य में तेजी से हुए घटनाक्रम में विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को उस वक्त गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा, जब राजग के घटक दल एएमएमके ने उस पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। टीवीके को समर्थन दे रही कांग्रेस अपने विधायकों को हैदराबाद ले गई है।
वाम दलों द्वारा टीवीके को सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा के बाद, वीसीके के संस्थापक थिरुमावलवन ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने पार्टी पदाधिकारियों के साथ तुरंत बैठक की थी।
वाम दलों ने कहा कि टीवीके को समर्थन देने का निर्णय राज्यपाल के माध्यम से पिछले दरवाजे से भाजपा के प्रवेश को रोकने और जनादेश का सम्मान करने के लिए है।
हालांकि, पहले यह उम्मीद जताई जा रही थी कि वीसीके शनिवार सुबह अपना रुख स्पष्ट करेगी, लेकिन पार्टी ने दोपहर बाद अपना निर्णय सार्वजनिक किया। टीवीके और वीसीके के बीच मंत्री पदों के आवंटन को लेकर कुछ सौदेबाजी होने की अपुष्ट खबरें आई थीं, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
विजय ने अपने मंत्रिमंडल में सहयोगियों को शामिल करने के लिए तत्परता दिखाई है, जो वीसीके की सत्ता-साझेदारी की घोषित स्थिति के अनुरूप है।
राज्य में तेजी से हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, कांग्रेस के पांच विधायक अभी हैदराबाद में हैं, जबकि टीवीके विधायक चेन्नई के निकट मामल्लपुरम के एक रिसॉर्ट/होटल में ठहराये गए हैं। वहीं, अन्नाद्रमुक विधायक पुडुचेरी से चेन्नई लौट चुके हैं, जबकि पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने ''सरकार बनाने जा रही पार्टी'' को शुभकामनाएं दी हैं।
ऐसे समय में, जब यह अफवाहें फैल रही थीं कि वीसीके विजय के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर नजर गड़ाए हुए है, पार्टी (वीसीके) नेता एसएस बालाजी ने कहा कि वीसीके को अपनी इच्छा और सुविधा के अनुसार निर्णय लेने की आजादी है।
उन्होंने सवाल किया, ''इतनी व्यग्रता क्यों दिखाई जा रही है और हम पर इतना दबाव क्यों डाला जा रहा है?''
वीसीके नेता वन्नियारासु, जो पार्टी संस्थापक के करीबी सहयोगी हैं, पहले ही स्पष्ट संकेत दे चुके हैं कि वह सत्ता में हिस्सेदारी चाहती है।
इस बीच, एएमएमके ने टीवीके के खिलाफ गिंडी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार गठन का दावा करने के लिए ''जाली'' समर्थन पत्र का इस्तेमाल किया गया है। गिंडी पुलिस के अनुसार, एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन से एक आवेदन प्राप्त हुआ है।
संवाददाताओं से बात करते हुए, एएमएमके प्रमुख ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को एक जाली पत्र की छायाप्रति सौंपने का आरोप लगाया, जिसमें एएमएमके के मन्नारगुडी से विधायक एस कामराज के समर्थन का झूठा दावा किया गया है।
कामराज, एएमएमके एक मात्र विधायक हैं।
इस बीच, टीवीके ने आरोपों को ''झूठी खबर'' बताते हुए खारिज कर दिया और एक जवाबी वीडियो जारी किया, जिसमें कथित तौर पर विधायक कामराज को स्वेच्छा से ''समर्थन पत्र'' पर हस्ताक्षर करते देखा जा सकता है।
गिंडी पुलिस आवेदन की प्रारंभिक जांच करने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में फैसला करेगी।
विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के पास शुरुआत में बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम, यानी 108 सीटें थीं।
टीवीके ने अपने पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद, सरकार बनाने के लिए द्रमुक के सहयोगी दलों -- कांग्रेस, भाकपा, माकपा और वीसीके से संपर्क किया था और समर्थन मांगा था।
विजय ने 23 अप्रैल को हुए चुनावों में दो सीटों पर जीत हासिल की है और उन्हें उनमें से एक सीट छोड़नी पड़ेगी। इससे पार्टी के विधायकों की संख्या घटकर 107 हो जाएगी।
टीवीके को समर्थन देने वाली पार्टियों - कांग्रेस के पांच तथा भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल (प्रत्येक) के दो-दो विधायक हैं। इस तरह, इन विधायकों की कुल संख्या 13 है।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप
0905 1949 चेन्नई