'मुश्किल दुनिया' में विकास के लिए साझेदारी अहम : विदेश मंत्री जयशंकर
अविनाश
- 08 May 2026, 09:25 PM
- Updated: 09:25 PM
(तस्वीरों के साथ)
पारामारिबो, आठ मई (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 'मुश्किल दुनिया' में उन्नति के लिए साझेदारी की अहम भूमिका पर जोर दिया और वैश्विक संदर्भ में एक 'विश्वसनीय' साझेदार के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित किया।
जयशंकर ने बृहस्पतिवार को पारामारिबो में 'प्रगति के लिए साझेदारी' विषय पर सूरीनामी समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां कीं। वह तीन कैरिबियाई देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव पर सूरीनाम आए थे।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मैंने यह तर्क दिया कि एक मुश्किल दुनिया में भी प्रगति की आवश्यकता होती है। और यह साझेदारी के माध्यम से ही सबसे अच्छी तरह से हासिल की जा सकती है।''
जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि इस दशक की शुरुआत कोविड-19 महामारी से हुई, जिसके बाद यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में युद्ध हुआ।
उन्होंने कहा, '''मुश्किल दुनिया' शब्द का प्रयोग करना कुछ हद तक कम करके आंकना होगा। आज हम वित्त, संसाधनों, प्रौद्योगिकी, संपर्क और भूगोल का हथियार के रूप में इस्तेमाल होते देख रहे हैं।''
जयशंकर ने कहा कि ऐसे समय में, राष्ट्र अधिक समावेशी दुनिया, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अधिक सम्मान के संदर्भ में प्रगति देखना चाहेंगे।
उन्होंने एक ऐसे भरोसेमंद साझेदार की विशेषताओं पर प्रकाश डाला जो राष्ट्रीय हित और वैश्विक भलाई के बीच सामंजस्य स्थापित कर सके।
विदेश मंत्री ने कहा, ''एक अच्छे साझेदार की विशेषताओं में से एक यह है कि वह राष्ट्र अपने राष्ट्रीय हितों को वैश्विक भलाई के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सामंजस्य स्थापित करने में सक्षम हो।'' उन्होंने इस संदर्भ में कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न देशों को भारत द्वारा टीके की आपूर्ति करने का उदाहरण दिया।
जयशंकर ने कहा कि एक अच्छा साझेदार वह राष्ट्र भी होता है जो बहुपक्षवाद के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाता है और पृथ्वी के प्रति संवेदनशील रवैया रखता है।
जयशंकर ने 'एक्स' पर पोस्ट किया,''भारत सूरीनाम के विकास पथ में भागीदार बनेगा और भारत-सूरीनाम गाथा का अगला अध्याय संयुक्त रूप से लिखेगा।''
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ''यह एक मुश्किल दुनिया है, लेकिन हमें प्रगति की जरूरत है, हमें साझेदारी की जरूरत है, और वे मौजूद हैं... हम उच्च स्तर की प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ ऐसा करना जारी रखेंगे।''
सूरीनाम के विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बोउवा भी उपस्थित थे।
बाद में दिन में, जयशंकर ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत सूरीनाम के इंडिया हाउस में एक पौधा लगाया।
जयशंकर तीन देशों की यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य कैरिबियाई देशों के साथ भारत के रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है। यात्रा के पहले चरण में वह जमैका गए थे और अगले चरण में त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा करेंगे।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश
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