शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 516 अंक फिसला
रमण
- 08 May 2026, 06:03 PM
- Updated: 06:03 PM
मुंबई, आठ मई (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ने से घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। सेंसेक्स करीब 516 अंक टूटकर बंद हुआ जबकि निफ्टी में 150 अंक की गिरावट आई।
विश्लेषकों के मुताबिक, ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ने से बाजार में जोखिम से बचने का रुझान देखा गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख ने भी गिरावट को बढ़ाया।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 516.33 अंक यानी 0.66 प्रतिशत गिरकर 77,328.19 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 698.09 अंक तक लुढ़क गया था।
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी 150.50 अंक यानी 0.62 प्रतिशत गिरकर 24,176.15 अंक पर आ गया।
साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की बढ़त रही जबकि एनएसई निफ्टी में 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की तेजी रही।
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयर में मार्च तिमाही नतीजों के बाद 6.62 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे।
हालांकि, टाइटन के शेयर अनुकूल तिमाही नतीजों के बाद 4.76 प्रतिशत चढ़ गया। इसके साथ एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, इन्फोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में भी तेजी रही।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, "कमजोर वैश्विक संकेतों और नई भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच घरेलू बाजार दबाव में रहे। कच्चे तेल में फिर से तेजी आने से निवेशक धारणा बिगड़ गई। इसके अलावा रुपये में कमजोरी कायम रहने और संस्थागत निवेशकों के रुख से भी प्रभाव पड़ा।"
व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.34 प्रतिशत के नुकसान में रहा जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "अमेरिका -ईरान के बीच ताजा सैन्य कार्रवाई से संघर्षविराम की उम्मीदें कमजोर पड़ीं, जिससे निवेशकों ने मुनाफावसूली की और जोखिम से बचने की कोशिश की। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रहने और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी से व्यापक धारणा और रुपये को कुछ समर्थन मिला।"
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में रहा जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख था। बृहस्पतिवार को अमेरिकी बाजार नुकसान के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 340.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
पिछले सत्र में सेंसेक्स 114 अंक गिरकर 77,844.52 अंक और निफ्टी 4.30 अंक की गिरावट के साथ 24,326.65 अंक पर बंद हुए थे।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण
0805 1803 मुंबई