टाटा पावर,डीजीपीसी ने भूटान में अतिरिक्त 404 मेगावाट जलविद्युत परियोजना करने के लिए बढ़ाया सहयोग
मनीषा
- 08 May 2026, 01:04 PM
- Updated: 01:04 PM
नयी दिल्ली/थिम्फू, आठ मई (भाषा) टाटा पावर और भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीजीपीसी) अपने मौजूदा स्वच्छ ऊर्जा सहयोग के तहत पड़ोसी देश में अतिरिक्त 404 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना विकसित करेंगे।
मूल समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर 19 नवंबर 2024 को हस्ताक्षर किए गए थे। इसके तहत दोनों पक्षों ने भूटान में कम से कम 4,500 मेगावाट जलविद्युत परियोजनाओं के विकास पर सहयोग करने पर सहमति जताई थी।
टाटा पावर ने शुक्रवार को बयान में बताया कि उसने भूटान में अपने स्वच्छ ऊर्जा सहयोग का विस्तार करने के लिए डीजीपीसी के साथ समझौता ज्ञापन में संशोधन पर हस्ताक्षर किए हैं।
संशोधन के तहत, 404 मेगावाट की नई न्येरा अमारी I एवं II एकीकृत जलविद्युत परियोजना को मौजूदा परियोजना सूची में जोड़ा गया है। इसके साथ ही साझेदारी के तहत कुल जलविद्युत क्षमता 4,500 मेगावाट से बढ़कर 5,033 मेगावाट हो गई है।
यह भूटान के ऊर्जा क्षेत्र के 2040 तक कुल उत्पादन क्षमता 25,000 मेगावाट तक पहुंचाने के लक्ष्य के अनुरूप है।
टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने कहा, '' न्येरा अमारी परियोजना का शामिल होना इस सहयोग के विस्तार, महत्वाकांक्षा और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह रणनीतिक साझेदारी भूटान की विशाल जलविद्युत क्षमता को उपयोग में लाकर उसकी आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ-साथ क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।''
उन्होंने कहा कि भारत के लिए विशेषकर अत्यधिक गर्मी वाले महीनों में जब बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती है तब इस तरह की साझेदारियां विश्वसनीय और स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करती हैं।
डीजीपीसी के प्रबंध निदेशक दाशो छेवांग रिनजिन ने कहा, '' 404 मेगावाट की न्येरा अमारी I एवं II एकीकृत जलविद्युत परियोजना को शामिल किया जाना, खोरलोछू, दोर्जीलुंग, गोंग्री जलाशय के साथ जेरी पंप्ड स्टोरेज और चमखारछू IV जैसी प्रमुख परियोजनाओं के साथ इस सहयोग के पैमाने और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।''
उन्होंने कहा, '' यह साझेदारी भूटान की विशाल जलविद्युत क्षमता को विकसित करने, आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही भूटान की स्वच्छ ऊर्जा के अग्रणी राष्ट्र की छवि को मजबूत करेगी।''
टाटा पावर और डीजीपीसी ने भूटान में 19 नवंबर 2024 को संयुक्त रूप से जलविद्युत और सौर परियोजनाओं की पहचान एवं उनके विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी की थी। इस सहयोग में खोरलोछू (600 मेगावाट), दोर्जीलुंग (1,125 मेगावाट), गोंग्री जलाशय के साथ जेरी पंप्ड स्टोरेज (कुल 2,540 मेगावाट), चमखारछू IV (364 मेगावाट) और अब न्येरा अमारी I एवं II (404 मेगावाट) परियोजनाएं शामिल हैं।
यह एशिया के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों की प्रमुख बिजली कंपनियों के बीच सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक है।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा
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