महाराष्ट्र मत्रिमंडल ने आश्रम विद्यालयों एवं सोलापुर पॉलीटेक्निक के उन्नयन को दी मंजूरी
मनीषा
- 05 May 2026, 05:05 PM
- Updated: 05:05 PM
मुंबई, पांच मई (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक अवसरों में सुधार लाने के उद्देश्य से स्वयंसेवी संगठनों द्वारा चलाये जा रहे 24 सहायता प्राप्त आश्रमों या आवासीय विद्यालयों के उन्नयन को मंजूरी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया यह निर्णय आदिवासी विद्यार्थियों, विशेषकर लड़कियों के बीच पढ़ाई छोड़ देने की प्रवृति को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि वे अपने स्थानीय क्षेत्रों में ही शिक्षा जारी रख सकें।
पांच प्राथमिक आश्रम विद्यालयों का माध्यमिक विद्यालय के रूप में तथा 19 माध्यमिक विद्यालयों को जूनियर कॉलेज में उन्नत किया जायेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के आवश्यक पदों के सृजन तथा इस उद्देश्य के लिए धन के आवंटन को भी मंजूरी दी।
फिलहाल राज्य में स्वयंसेवी संगठनों द्वारा संचालित 556 सहायता प्राप्त आश्रम विद्यालय हैं, जिनमें 37 प्राथमिक विद्यालय (पहली से सातवीं कक्षा तक) और 319 माध्यमिक विद्यालय (पहली से 10वीं कक्षा तक) हैं। साथ ही 200 संबद्ध कनिष्ठ महाविद्यालय (कक्षा 11 और 12) भी हैं। इन संस्थानों में 2,61,836 विद्यार्थी (1,40,254 लड़के और 1,21,582 लड़कियां) पढ़ते हैं। अधिकतर विद्यालय दूरदराज, पहाड़ी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हैं।
नये निर्णय के तहत, उन्नत प्राथमिक विद्यालयों के लिए 30 नियमित शिक्षक पद और 25 बहुउद्देशीय कर्मी पद सृजित किए जाएंगे, जबकि 19 नए जूनियर कॉलेजों के लिए 148 शिक्षक् पद स्वीकृत किए जाएंगे।
एक अन्य निर्णय में, मंत्रिमंडल ने सोलापुर में मौजूदा सरकारी पॉलिटेक्निक को उन्नत करके एक नए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी। नए संस्थान का नाम बदलकर सरकारी इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, सोलापुर रखा जाएगा और यह शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से तीन डिग्री स्तरीय पाठ्यक्रम शुरू करेगा।
ये पाठ्यक्रम 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'मशीन लर्निंग', 'कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार हैं। हर पाठ्यक्रम में 60 विद्यार्थियों का प्रवेश होगा।
नए संस्थान के लिए, चरणबद्ध तरीके से 39 शिक्षक पद और 38 गैर-शिक्षक पद (22 नियमित और 16 आउटसोर्स) सृजित किए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने चार वर्षों में 157.66 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय को भी मंजूरी दी। उसने तत्काल बुनियादी ढांचे की मरम्मत और अन्य आवश्यकताओं के लिए 11 करोड़ रुपये आवंटित किए।
मंत्रिमंडल ने धाराशिव जिले के तुलजापुर में श्री तुलजाभवानी इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रबंधन श्री तुलजाभवानी मंदिर ट्रस्ट से लेकर राज्य उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को सौंपने का भी निर्णय लिया।
बयान में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य संस्थान को मजबूत करना और क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर बुनियादी ढांचा और गुणवत्तापूर्ण इंजीनियरिंग शिक्षा प्रदान करना है।
इस संस्थान का नाम बदलकर श्री तुलजाभवानी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, तुलजापुर कर दिया जाएगा। सरकार ने 118 पदों (60 शिक्षक और 58 गैर-शिक्षक) के सृजन को मंजूरी दी है। मौजूदा कर्मचारी ट्रस्ट के अधीन काम करते रहेंगे और रिक्त पदों को सरकार द्वारा प्रक्रिया के अनुसार भरा जाएगा।
भाषा राजकुमार मनीषा
मनीषा
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