भारत के जिनेवा मिशन से धन के कथित दुरुपयोग मामले में पूर्व अधिकारी को जमानत
माधव
- 04 May 2026, 10:35 PM
- Updated: 10:35 PM
नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को उस पूर्व लेखा अधिकारी को जमानत दे दी, जिसपर भारत के जिनेवा स्थित स्थायी मिशन से दो लाख से अधिक स्विस फ्रैंक (लगभग दो करोड़ रुपये) की हेराफेरी का आरोप है।
यह धन कथित रूप से उसकी क्रिप्टो और जुए की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया गया था।
विशेष न्यायाधीश विजेता सिंह रावत आरोपी मोहित की तीसरी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थीं। मोहित 17 दिसंबर 2024 को जिनेवा स्थित स्थायी मिशन में सहायक अनुभाग अधिकारी के रूप में शामिल हुआ था।
अदालत ने आरोपों का संज्ञान लेते हुए कहा कि आरोपी ने मिशन के यूनियन बैंक ऑफ स्विट्जरलैंड (यूबीएस) खाते से संबंधित भुगतान दस्तावेजों में जानबूझकर हेरफेर या जालसाजी की और अनधिकृत निकासी भी की।
अदालत ने कहा, ''आरोपों की गंभीरता और सुव्यवस्थित, जटिल, लगातार, दोहराए गए तथा यांत्रिक तरीकों से किए गए कृत्यों ने इस न्यायालय के मन पर प्रभाव डाला था और जिसके आधार पर 22 जनवरी 2026 को पिछली जमानत याचिका खारिज की गई थी, फिर भी यह भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि कई महीनों से जांच जारी रहने के बावजूद अब भी कुछ प्रश्न हैं, जिनका उत्तर जांच अधिकारी को देना है..।''
अदालत ने कहा कि इससे मामले की कार्यवाही आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, लेकिन जवाब आने में समय लगेगा। दूसरी ओर, अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी 25 अक्टूबर, 2025 से हिरासत में है।
अदालत ने कहा कि कथित अपराधों के संबंध में अभी कोई राय देना जल्दबाजी होगी।
अदालत ने कहा, "विवेक यही कहता है कि आरोप तय होने के चरण में ही इस पर विचार किया जाना चाहिए।"
इसने कहा, ''अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस चरण में जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता नहीं है। सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं और महत्वपूर्ण गवाहों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।''
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाह सरकारी कर्मचारी हैं, जो आरोपी से उच्च पद के हैं।
अदालत ने कहा, ''सबूतों से छेड़छाड़, गवाहों को प्रभावित करने या न्यायिक प्रक्रिया से बचने की आशंका को पुष्ट करने वाला कोई विश्वसनीय सबूत पेश नहीं किया गया है।''
अदालत ने मोहित को 75,000 रुपये के जमानती बॉण्ड और इतनी ही राशि के एक निजी मुचलके की शर्त पर राहत प्रदान की।
अदालत ने जमानत संबंधी निर्देश में यह भी कहा कि आरोपी देश छोड़कर नहीं जाएगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मोहित ने चुपके से कुछ विक्रेताओं के क्यूआर कोड को स्वयं से तैयार किये गये क्यूआर कोड से बदल दिया, जिससे भुगतान विक्रेता के खाते के बजाय यूबीएस में उसके व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित हो गया।
भाषा सुरेश माधव
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