विजय के दोस्तों, प्रशंसकों और कार्यकर्ताओं ने कहा- केवल भाग्य से नहीं मिली टीवीके को सफलता
अविनाश
- 04 May 2026, 07:31 PM
- Updated: 07:31 PM
(फोटो के साथ)
चेन्नई, चार मई (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना के रूझानों में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के शानदार प्रदर्शन के बाद दशकों से उन पर नजर रखने वाले लोगों ने कहा कि यह भले ही भाग्य के कारण मिली सफलता दिखे, लेकिन आज विजय ने जो हासिल किया है, वह लंबे समय तक धैर्य और निरंतर प्रयासों के बिना संभव नहीं था।
सोमवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ा, टीवीके ने अनुभवी राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाते हुए स्पष्ट कर दिया कि जनता ने विजय पर भरोसा जताया है।
राज्य की 234 विधानसभा सीट में से 100 सीट पर टीवीके की बढ़त और नौ पर जीत के बाद शाम में यह साफ हो गया कि पार्टी का यह पहला चुनाव तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने वाला साबित हुआ है और लंबे समय से द्रमुक और अन्नाद्रमुक की दो ध्रुवीय सियासत के लिए खतरे की घंटी बन गया है।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था।
फिल्म समीक्षक लता श्रीनिवासन ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, "जब विजय सिनेमा में आए थे, तब काफी 'बॉडी शेमिंग' यानी शारीरिक बनावट को लेकर आलोचना होती थी। क्योंकि जैसा कि आप जानते हैं कि वह हैंडसम नहीं दिखते थे। आप जानते हैं, वह दुबले-पतले थे, थोड़े सांवले थे, उनका रंगरूप भी बहुत अच्छा नहीं माना जाता था। और जब उनके पिता ने उन्हें एक हीरो के रूप में पेश किया, तो जाहिर तौर पर बहुत से लोगों ने सोचा कि यह कैसे हीरो बन सकता है? यह स्टार कैसे बनेगा? लेकिन विजय ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार प्रयास किया।"
अभिनेता जीवा रवि ने बताया कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में विजय हर हाल में आगे बढ़ते रहे और अगर एक फिल्म असफल होती, तो वह उसका विश्लेषण करते और अगली फिल्म में अपनी गलतियों को सुधारते रहते।
रवि ने कहा, "उन्होंने कभी निर्देशकों को नहीं छोड़ा। उन्हें और मौके दिए। फिर 'थुप्पाक्की' और 'कथ्थी' जैसी फिल्म आईं। उनका ग्राफ लगातार ऊपर जाता रहा।"
राजनीति में आने के बाद जब भी उन्होंने लोगों से बात की, लगभग हर बार विजय ने यह कहकर अपनी बात खत्म की, "मैं आपके भरोसे आया हूं।"
विजय को अक्सर जिस आलोचना का सामना करना पड़ा, वह यह थी कि उन्होंने शुरू से ही खुद को "मुख्यमंत्री" के रूप में पेश किया। कई लोगों का मानना था कि वह 'लालची' हैं।
हालांकि, अभिनेता रवि ने जोर देकर कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उन्होंने कई चरण पार किए हैं।
रवि ने कहा, "सामाजिक रूप से वह एक जिम्मेदार व्यक्ति बने-ऐसा व्यक्ति जो लोगों के बारे में सोचता है। धीरे-धीरे वह जन आंदोलन के नेता बने, फिर एक कल्याणकारी संगठन के नेता और आखिरकार एक राजनीतिक दल के नेता बने।"
श्रीनिवासन ने कहा कि जैसे-जैसे विजय की लोकप्रियता बढ़ी, उनकी फिल्मों में राजनीतिक संदेशों को नजरअंदाज करना मुश्किल होता गया।
उन्होंने पीटीआई वीडियो से कहा, "जब वह बेहद लोकप्रिय हो गए और फिर अपनी फिल्मों में राजनीतिक संवाद बोलने लगे... तभी उन्हें नेताओं से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं उनके संवादों और 'थलाइवा' जैसी फिल्मों के शीर्षकों के जरिए सामने आने लगी थीं।"
टीवीके नेता और प्रवक्ता सी. टी. निर्मल कुमार के अनुसार, मजबूत सामाजिक संदेशों वाली विजय की फिल्मों ने टीवीके के लिए रास्ता तैयार किया। साथ ही, विजय के सामाजिक संगठन और फैन क्लब 'विजय मक्कल इयक्कम' ने रक्तदान शिविर आयोजित किए, राहत कार्य किए और ट्यूशन सेंटरों का संचालन किया।
कुमार ने कहा कि एक अभिनेता से नेता बनने का यह सफर धीरे-धीरे आगे बढ़ा, जो रणनीतिक था।
कुमार ने पीटीआई वीडियो से कहा, "समाज में 30 वर्ष तक सक्रिय रूप से जुड़े बिना इस तरह का बदलाव अचानक नहीं हो सकता था।"
टीवीके के राष्ट्रीय प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने बताया, "2011 से 2021 तक 10 साल तक शांत क्रांति चल रही थी। और 2021 में उन्होंने मक्कल इयक्कम के बैनर तले स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा। हमारे नेता किसी भी प्रचार कार्यक्रम में नहीं गए। उम्मीदवारों को मक्कल इयक्कम का झंडा और हमारे नेता विजय की तस्वीर इस्तेमाल करने की अनुमति थी। मेरा ख्याल है करीब 160 लोगों ने चुनाव लड़ा और 126 लोग जीते...।"
फरवरी 2024 में जब विजय ने अपने राजनीतिक दल की घोषणा की, तो अच्छी प्रतिक्रिया मिली। रैलियों में भीड जुटी। सोशल मीडिया पर भारी समर्थन मिला।
टीवीके के 233 उम्मीदवारों में से एक विग्नेश ने कहा, "हमें यही उम्मीद थी। थलापति हमारी पहचान हैं। केवल हमारे नेता ने मेरे जैसे आम आदमी को मौका दिया।"
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश
0405 1931 चेन्नई