बंगाल चुनाव: भाजपा ने नौ सीट पर जीत दर्ज की, तृणमूल ने भगवांगोला सीट बरकरार रखी
नरेश
- 04 May 2026, 05:09 PM
- Updated: 05:09 PM
कोलकाता, चार मई (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को मतगणना जारी रहने के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नौ सीट पर जीत दर्ज कर चुकी है और 189 सीट पर पार्टी आगे है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने एक सीट पर जीत हासिल की है जो राज्य में भाजपा की जबरदस्त लहर का संकेत है।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, भाजपा पहले ही कालिम्पोंग, दार्जिलिंग, मान्टेश्वर, भातर, मेदिनीपुर, बर्वान, खारडाह, जमुरिया और आसनसोल दक्षिण सीट पर जीत हासिल कर चुकी है।
भरत कुमार छेत्री ने कालिम्पोंग सीट 21,464 वोट के अंतर से जीती, सैकत पांजा ने पूर्वी बर्धमान जिले के मान्टेश्वर से 14,798 वोट से, करफा सौमेन ने उसी जिले के भातर निर्वाचन क्षेत्र से 6,528 वोट से, अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल दक्षिण से 40,839 वोट से, शंकर कुमार गुच्छैत ने मेदिनीपुर से 38,747 वोट से और नोमान राय ने 6,057 वोट के अंतर से जीत हासिल की।
राय ने भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के बिजय कुमार राय को हराया। भाजपा ने 2021 के विधानसभा चुनाव में दार्जिलिंग सीट पर जीत दर्ज की थी और 2019 के उपचुनाव में भी उसने इस सीट पर जीत हासिल की थी।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने मुर्शिदाबाद जिले की भगवांगोला सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा, जहां उसके उम्मीदवार रेयात हुसैन सरकार ने अपने निकटतम उम्मीदवार को 56,407 वोट के अंतर से हराया। पार्टी 88 अन्य सीट पर आगे है।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि कम से कम 23 मंत्री विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में पिछड़ रहे हैं, जो पार्टी नेतृत्व के लिए एक व्यापक चुनौती का संकेत है।
पार्टी के प्रमुख नेताओं में निवर्तमान शिक्षा मंत्री ब्रत्या बसु 10,521 वोट से पीछे थे, मानस रंजन भुनिया लगभग 4,450 वोट से, महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा लगभग 5,000 वोट से और वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य 3,878 वोट से पीछे थीं।
सिंगूर में भाजपा उम्मीदवार अरूप कुमार दास तृणमूल कांग्रेस के बेचाराम मन्ना से 4,924 वोट से आगे थे, जिससे सत्तारूढ़ पार्टी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस निर्वाचन क्षेत्र में झटका लगा।
मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती लगभग 6,500 वोट से पीछे थीं, जबकि सुजीत बोस, पुलक रॉय, सबीना यास्मीन, श्रीकांत महतो और बीरबाहा हंसदा सहित कई अन्य मंत्री भी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से पीछे थे।
यह रुझान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं और मजबूत स्थानीय नेतृत्व नेटवर्क पर बहुत अधिक भरोसा किया था, जिनमें से कई नेता जमीनी स्तर पर शासन के प्रमुख चेहरे थे।
ये परिणाम पश्चिम बंगाल में जारी एक रोमांचक चुनावी मुकाबले के बीच आए हैं, जहां 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतों की गिनती जारी है।
राज्य की 293 विधानसभा सीट पर मतों की गिनती जारी है क्योंकि निर्वाचन आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा में मतदान रद्द कर दिया था।
भाषा सुरभि नरेश
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