ऑर्गेनॉन का अधिग्रहण खुशी के साथ थोड़ी चिंता का भी मौकाः दिलीप सांघवी
रमण
- 27 Apr 2026, 04:35 PM
- Updated: 04:35 PM
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) दवा कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज के कार्यकारी चेयरमैन दिलीप सांघवी ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी कंपनी ऑर्गेनॉन का अधिग्रहण 'खुशी' के साथ 'हल्की चिंता' का भी क्षण है।
सन फार्मास्युटिकल 11.75 अरब डॉलर के उद्यम मूल्य पर ऑर्गेनॉन का अधिग्रहण करेगी। इसके लिए उसने एक अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
सांघवी ने मुंबई में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बड़े आकार के इस सौदे को वित्तपोषित करने के लिए कर्ज लेना होगा, जिसकी वजह से थोड़ी चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन कंपनी जोखिम लेने से पीछे हटने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा, "हम कर्ज लेने से बचने वाली कंपनी जरूर हैं, लेकिन जोखिम से बचने वाली नहीं। ऐसे अवसर सामान्य परिस्थितियों में आसानी से नहीं मिलते।"
सांघवी ने कहा कि इस अधिग्रहण से सन फार्मा को चीन जैसे बड़े बाजार में प्रवेश मिलेगा और वैश्विक बायोसिमिलर कारोबार में भी मजबूत पकड़ बनेगी।
कंपनी के मुताबिक, यह सौदा आंशिक रूप से 2.0-2.5 अरब डॉलर की नकदी और शेष 9.25-9.75 अरब डॉलर बैंक कर्ज के जरिए पूरा किया जाएगा।
कर्ज को लेकर उठ रही चिंताओं पर सांघवी ने कहा कि यह संयुक्त कंपनी की कर-पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) का करीब 2.3 गुना होगा, जिसे कंपनी उचित समय में कम करने की योजना पर काम कर रही है।
उन्होंने भरोसा जताया कि पूर्व में रैनबेक्सी लेबोरेट्रीज के अधिग्रहण के बाद भी कंपनी ने तेजी से कर्ज चुकाया था और इस बार भी अनुशासन बनाए रखा जाएगा।
सांघवी ने कहा कि ऑर्गेनॉन का आकार लगभग सन फार्मा के बराबर है और लाभप्रदता भी थोड़ी अधिक है, लेकिन उसकी वृद्धि दर अपेक्षाकृत धीमी रही है। उन्होंने कहा कि यह सौदा कंपनी के वैश्विक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और उसे दक्षिण अमेरिका, पश्चिम एशिया, तुर्की, कोरिया, ताइवान और चीन जैसे नए बाजारों में सीधी पहुंच मिलेगी।
सन फार्मा के प्रबंध निदेशक कीर्ति गणोरकर ने कहा कि वैश्विक दवा कंपनी बनने के लिए चीन में उपस्थिति जरूरी है, जहां का बाजार करीब 150 अरब डॉलर का है और पांच-सात प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। ऑर्गेनॉन की चीन में मौजूदगी मजबूत है और वित्त वर्ष 2025 में वहां उसकी आय 80 करोड़ डॉलर से अधिक रही।
कंपनी ने कहा कि इस सौदे से वह बायोसिमिलर (जैविक दवाओं के समान) क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल हो सकेगी। सांघवी ने कहा कि पहले नियामकीय अस्पष्टता के कारण कंपनी इस क्षेत्र में नहीं थी, लेकिन अब स्पष्टता आने के बाद निवेश का अवसर दिख रहा है।
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