ऊर्जा संकट के कारण रिलायंस का चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 12.5 प्रतिशत घटा
पाण्डेय
- 24 Apr 2026, 09:32 PM
- Updated: 09:32 PM
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 12.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,971 करोड़ रुपये रहा। वैश्विक ऊर्जा संकट का असर उसके मुख्य तेल एवं रसायन कारोबार पर पड़ा जिससे दूरसंचार तथा खुदरा कारोबार में हुए लाभ की भरपाई नहीं हो सकी।
कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में उसका मुनाफा 19,407 करोड़ रुपये था। साथ ही अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के 18,645 करोड़ रुपये के मुकाबले भी यह लाभ कम रहा।
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के राजस्व का बड़ा हिस्सा देने वाला तेल से रसायन (ओ2सी) कारोबार पश्चिम एशिया के युद्ध से प्रभावित हुआ। युद्ध से कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई और मालभाड़ा, बीमा एवं ईंधन लागत बढ़ गई।
ईंधन निर्यात पर सरकार द्वारा अप्रत्याशित कर दोबारा लगाए जाने से मुनाफे पर और दबाव पड़ा। साथ ही, घरेलू ऊर्जा आपूर्ति को संभालने के लिए कंपनी को पेट्रोरसायन उत्पादन से कच्चे माल को हटाकर रसोई गैस (एलपीजी) के उत्पादन में लगाना पड़ा।
लाभप्रदता पर उस समय भी असर पड़ा जब सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने खुदरा ईंधन कीमतों को स्थिर रखने से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए पेट्रोल और डीजल की खरीद पर मुनाफे सीमित कर दिया। प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए रिलायंस ने भी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए, जिससे मुनाफा और दबाव में आया।
तेल से रसायन (ओ2सी) कारोबार की कमजोरी के कारण दूरसंचार और खुदरा क्षेत्रों में दोहरे अंक की राजस्व वृद्धि का प्रभाव कम हो गया। दूरसंचार कारोबार में ग्राहक आधार बढ़ने और प्रति उपयोगकर्ता आय में वृद्धि से लाभ बढ़ा जबकि खुदरा के हाइपर-लोकल खंड में ऑर्डर बुकिंग मजबूत रही।
जनवरी -मार्च तिमाही में हालांकि कुल आय बढ़कर 3.03 लाख करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले 2.69 लाख करोड़ रुपये थी।
समूचे वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ रिकॉर्ड 80,775 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2024-25 के 69,648 करोड़ रुपये से 16 प्रतिशत अधिक है।
चौथी तिमाही में कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) 48,588 करोड़ रुपये रही जो लगभग पिछले वर्ष के बराबर है।
मूल्यह्रास 10 प्रतिशत बढ़कर 14,808 करोड़ रुपये हो गया। वित्त लागत भी सात प्रतिशत बढ़कर 6,585 करोड़ रुपये हो गई जो मुख्य रूप से 5जी स्पेक्ट्रम परिसंपत्तियों के संचालन में आने से जुड़ी है।
समूचे वर्ष में रिलायंस ने 11.75 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व और 2.07 लाख करोड़ रुपये की सर्वधिक कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) दर्ज किया।
कंपनी की दूरसंचार और डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का चौथी तिमाही का लाभ 13 प्रतिशत बढ़ा। ग्राहक आधार 91 लाख बढ़कर 52.44 करोड़ हो गया और प्रति उपयोगकर्ता आय 3.8 प्रतिशत बढ़कर 214 रुपये प्रति माह हो गई।
कंपनी का 5जी का ग्राहक आधार 26.8 करोड़ रहा जो कुल 'वायरलेस ट्रैफिक' का लगभग 55 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2025-26 में जियो ने 7.5 करोड़ से अधिक 5जी ग्राहक जोड़े।
खुदरा कारोबार में मुनाफा बढ़कर 3,563 करोड़ रुपये हो गया और समीक्षाधीन तिमाही में 333 नए स्टोर खोले गए। जियोमार्ट के हाइपर-लोकल कॉमर्स में औसत दैनिक ऑर्डर तिमाही आधार पर 29 प्रतिशत और सालाना आधार पर 300 प्रतिशत से अधिक बढ़े।
तेल से रसायन (ओ2सी) में कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) 3.7 प्रतिशत घटकर 14,520 करोड़ रुपये रही। वहीं कंपनी के तेल और गैस उत्पादन कारोबार में शुद्ध लाभ 18 प्रतिशत घटकर 4,195 करोड़ रुपये हो गय जिसका कारण गैस कीमतों में कम प्राप्ति रहा।
रिलायंस के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि कंपनी ने भू-राजनीतिक व्यवधानों, अस्थिर ऊर्जा कीमतों और बदलते वैश्विक व्यापार माहौल वाले चुनौतीपूर्ण वित्त वर्ष 2025-26 का सफलतापूर्वक सामना किया।
उन्होंने कहा कि कंपनी का विविधीकृत खंड उसे वैश्विक चुनौतियों के बीच भी टिके रहने में मददगार रहा, जबकि भारत ने अपनी वृद्धि की गति बनाए रखी।
अंबानी ने डिजिटल एवं खुदरा क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन का उल्लेख किया जहां जियो ने मोबिलिटी, ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सेवाओं में विस्तार जारी रखा और मजबूत ईबीआईटीडीए वृद्धि दर्ज की।
ऊर्जा क्षेत्र पर उन्होंने कहा कि तेल से रसायन (ओ2सी) कारोबार ने पश्चिम एशिया संघर्ष से प्रभावित जटिल माहौल में काम किया। रिलायंस ने घरेलू ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए कच्चे माल का इस्तेमाल किया।
उन्होंने साथ ही कहा कि कंपनी अपने नए ऊर्जा उपक्रमों में तेजी से प्रगति कर रही है जो भविष्य में प्रमुख विकास चालक बनेंगे और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेंगे।
भाषा निहारिका पाण्डेय
पाण्डेय
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