कैलाश हिल्स मामला: आरोपी 'विकृत मानसिकता' का व्यक्ति, पीड़िता ने किया था प्रतिरोध
अविनाश
- 23 Apr 2026, 10:18 PM
- Updated: 10:18 PM
नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि पॉश इलाके कैलाश हिल्स में आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की बलात्कार के बाद हत्या के सनसनीखेज मामले के आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि वह 'विकृत मानसिकता' का व्यक्ति है। वहीं पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर लगी बाहरी चोटों से पता चलता है कि उसने हमलावर का प्रतिरोध किया था।
दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके में हुई इस सनसनीखेज़ वारदात की जांच में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी ने इस पूरी वारदात को पीड़िता के घर में घुसने के 30 मिनट के अंदर अंजाम दिया।
पुलिस ने बताया कि जांच से खुलासा हुआ है कि 19 वर्षीय आरोपी एक अतिरिक्त चाबी का इस्तेमाल कर कैलाश हिल्स स्थित आवास में बुधवार सुबह चुपके से घुसा और सीधे छत पर बने अध्ययन कक्ष में गया जहां उसने अपने पूर्व नियोक्ता की बेटी पर कथित तौर पर हमला किया, बलात्कार किया और फिर उसके खून से लथपथ शरीर को घसीट कर नीचे ले गया। आरोपी पहले घर में घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था।
इससे एक रात पहले आरोपी ने अलवर में अपने एक परिचित की पत्नी से भी बलात्कार किया था।
बलात्कार और हत्या की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी राहुल मीणा को अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है और वह बार-बार अपना बयान बदल रहा है।
आरोपी को अपराध के कुछ घंटों बाद बुधवार को द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसने पीड़िता पर भारी वस्तु से वार किया जिससे वह बेहोश हो गई और फिर मोबाइल फोन के चार्जिंग केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता की नाक की हड्डी में फ्रैक्चर के अलावा दोनों हाथों और पैरों पर कई खरोंच और घाव पाए गए।
गुप्ता ने कहा कि बाहरी जांच में शरीर पर कई चोटें मिलीं, जो इस बात का संकेत हैं कि पीड़िता ने बचने के लिए काफी प्रतिरोध किया था।
गुप्ता ने कहा, "जांच में पता चला है कि हमला करने के बाद गला दबाने से मौत हुई। स्वैब नमूने और नाखूनों से लिए गए नमूने आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या दुष्कर्म हुआ था।"
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मीणा से पूछताछ से पता चला है कि वह "विकृत मानसिकता" का व्यक्ति है।
आरोपी को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया। उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरान के समक्ष कहा, "मुझसे अपराध हो गया... गलती हो गई।" मजिस्ट्रेट ने दिल्ली पुलिस की याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उसने आरोपी को पूछताछ के लिए चार दिन की हिरासत में भेजने का अनुरोध किया था।
मीणा ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी के परिवार के साथ घरेलू सहायक के तौर पर आठ महीने काम किया था और वित्तीय गड़बड़ियों के कारण उसे एक महीने पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह न केवल घर के नक्शे से परिचित था, बल्कि युवती के माता-पिता की सुबह की दिनचर्या से भी वाकिफ था, जो सुबह जल्दी जिम जाते थे।
पुलिस ने बताया कि उसने एक अतिरिक्त चाबी का इस्तेमाल करके घर में प्रवेश किया और सीधे अध्ययन कक्ष में चला गया और उसे पता था कि अधिकारी की बेटी वहीं मिलेगी।
युवती आईआईटी से स्नातक थी और लोक सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, "जांच से पता चला है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ तब बलात्कार किया जब वह बेहोश थी। इसके बाद वह उसे सीढ़ियों से घसीटकर नीचे लाया और दूसरे कमरे में ले गया जहां एक लॉकर रखा था। उसने पीड़िता की उंगलियों का उपयोग करके बायोमेट्रिक लॉक खोलने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं खुला।"
उन्होंने बताया कि इसके बाद उसने पेंचकस का इस्तेमाल करके लॉकर तोड़ा, नकदी और गहने चुराए, खून से सने अपने कपड़े और चप्पलें बदलीं और वहां से भाग गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लगभग 30 मिनट तक घर के अंदर था। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चलता है कि मीणा सुबह लगभग 6:30 बजे कॉलोनी में दाखिल हुआ, 6:49 बजे चुपके से घर में घुसा और 7:20 बजे निकल गया।
हत्या की इस घटना से सुरक्षा खामियों को भी उजागर कर दिया है। यह घटना तब सामने आई जब पीड़िता के माता-पिता घर लौटे और उसे खून से लथपथ पाया, उसके कपड़े फटे हुए थे और उसका सामान चारों ओर बिखरा हुआ था। वे लड़की को एक निजी अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
चार दिन की हिरासत के दौरान, पुलिस आरोपी के साथ घटनाओं के पूरे क्रम का दोबारा निर्माण करेगी। इसमें अलवर से लेकर कैलाश हिल्स तक आने का सफर और फिर जुर्म करके भागकर वहां से 25 किमी दूर द्वारका के होटल तक जाना शामिल होगा। उसे द्वारका के होटल से ही गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारी ने बताया, "आरोपी को पीड़िता के घर ले जाया जा सकता है। उसे अलवर भी ले जाया जाएगा क्योंकि वहां उसके खिलाफ बलात्कार का एक और मामला दर्ज है।"
अपराध के बाद, वह द्वारका के होटल तक ऑटो रिक्शा से गया जिसे उसने मोबाइल ऐप के जरिए बुक कराया था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऑटो को पता लगाकर उसके चालक से पूछताछ की गई।
उन्होंने कहा, "उसके पास से फोन, गहने, नकदी और कई अन्य चीजें बरामद की जानी हैं। अब तक की जांच से पता चला है कि वह किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में नहीं था। पुलिस फोरेंसिक विभाग से उसके डीएनए प्रोफाइल की भी मांग करेगी। हमारे पास आरोपी के खिलाफ मजबूत मामला है और हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि आरोपी को कड़ी सजा मिले।"
शुरू में राहुल ने पुलिस को बताया कि वह अलवर से दिल्ली तक एम्बुलेंस से आया था, लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदल लिया और कहा कि उसने 5,000 रुपये में एक कार बुक की और दिल्ली पहुंचने के बाद चालक को किराया भी नहीं दिया।
सूत्र ने बताया, "हमारी टीमें राजस्थान और दिल्ली दोनों जगहों पर घटनाओं की सटीक जानकारी जुटाने के लिए काम कर रही हैं। हम घटनास्थल से लेकर द्वारका के उस होटल तक के सीसीटीवी फुटेज की भी छानबीन कर रहे हैं, जहां से राहुल को गिरफ्तार किया गया था।"
मंगलवार रात, मीणा ने राजस्थान के अलवर में एक अन्य महिला के साथ बलात्कार किया।
अलवर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर चौधरी ने बृहस्पतिवार को बताया, "राहुल मीणा के खिलाफ बलात्कार के आरोप की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। हमने पूछताछ के लिए आधे दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।"
अधिकारी के अनुसार, राहुल पीड़िता को जानता था और उसके पति के साथ ऑनलाइन लूडो खेलता था।
बुधवार को महिला ने अलवर जिले के राजगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि मीणा ने मंगलवार रात उसके साथ बलात्कार किया।
चौधरी ने कहा, "पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हो चुका है। हम जांच में तेजी लाने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ सभी जानकारियां साझा कर रहे हैं।"
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