वित्त मंत्री ने बैंक प्रमुखों के साथ बैठक की
रमण
- 23 Apr 2026, 09:02 PM
- Updated: 09:02 PM
नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एंथ्रोपिक के 'माइथोस' मॉडल द्वारा वित्तीय प्रणालियों की डेटा सुरक्षा से संबंधित खतरों की बात सामने आने के बाद बृहस्पतिवार को कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े जोखिमों पर बैंक प्रमुखों के साथ बैठक की।
यह बैठक एंथ्रोपिक द्वारा 'क्लाउड माइथोस' एआई मॉडल के विकास के मद्देनजर महत्वपूर्ण है, जिसमें दावा किया गया है कि उसने कई प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम में कमजोरियां पाई हैं।
सूत्रों के अनुसार बैठक में एआई से निपटने के लिए जरूरी जोखिमों और उपायों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वित्तीय क्षेत्र पर एआई द्वारा उत्पन्न विभिन्न जोखिमों पर विचार-विमर्श किया गया। सूत्रों ने बताया कि बैंकों से अपनी प्रणालियों, डेटा और ग्राहकों के पैसे को सुरक्षित करने के लिए एहतियाती कदम उठाने को कहा गया।
इस बैठक में बैंकों के शीर्ष अधिकारी, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मंत्रालय और आरबीआई इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि इस सुरक्षा चूक से भारतीय वित्तीय क्षेत्र को किस हद तक जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मंत्रालय और आरबीआई इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि इस सुरक्षा चूक से भारतीय वित्तीय क्षेत्र को किस हद तक जोखिम हो सकता है। अधिकारी ने कहा कि अब तक भारतीय प्रणालियां सुरक्षित हैं और अनावश्यक रूप से चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आरबीआई अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी जांच कर रहा है कि भारत का वित्तीय क्षेत्र सुरक्षित रहे।
खबरों के अनुसार एंथ्रोपिक ने कहा कि 'माइथोस' साइबर सुरक्षा कार्यों में मनुष्यों से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। यह प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में 27 साल पुरानी कमियों सहित हजारों 'बग' को खोजने और उनका फायदा उठाने में सक्षम है।
अमेरिका स्थित एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने कहा कि उसके नए मॉडल 'माइथोस' तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई थी। माइथोस एक शक्तिशाली एआई मॉडल है, जिसने डिजिटल सुरक्षा कमजोरियों की पहचान करने की अपनी अभूतपूर्व क्षमता और दुरुपयोग की संभावना के कारण नियामकों के बीच चिंता पैदा कर दी है।
भाषा पाण्डेय रमण
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