पश्चिम बंगाल चुनाव : पहले चरण में अपराह्न एक बजे तक 62 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज
नरेश
- 23 Apr 2026, 02:53 PM
- Updated: 02:53 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 23 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को मतदान शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर मतदान में तेजी आयी और अपराह्न एक बजे तक 62 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला। इस दौरान हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और भाजपा के एक उम्मीदवार पर हमले की छिटपुट घटनाएं भी हुईं।
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों में हो रहे मतदान से 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 167 महिलाओं सहित 1,478 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा।
भीषण गर्मी और उमस के बावजूद मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में कतारों में खड़े नजर आएं और जैसे-जैसे समय बीतता गया, मतदान की गति तेज होती गई।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, सुबह सात बजे मतदान आरंभ हुआ। पहले दो घंटे में 3.60 करोड़ मतदाताओं में से 18.76 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और धीरे-धीरे मतदान में तेजी आयी। पूर्वाह्न 11 बजे तक 41.11 प्रतिशत और अपराह्न एक बजे तक 62.18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम मेदिनीपुर में सबसे अधिक 65.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद झाड़ग्राम में 65.31 प्रतिशत और बांकुड़ा में 64 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मालदा (58.45 प्रतिशत), कूचबिहार (60.75 प्रतिशत) और अलीपुरद्वार में (60.03 प्रतिशत) अपेक्षाकृत कम मतदान दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि दोपहर तक निर्वाचन आयोग को मतदान से जुड़ी करीब 450 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि 'सीविजिल' ऐप के माध्यम से 375 अन्य शिकायतें दर्ज की गईं।
अधिकारियों ने कहा कि मतदान काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ जिलों में छिटपुट हिंसा की घटनाओं ने बंगाल के चुनावी माहौल में अपेक्षित तनाव पैदा कर दिया। चुनाव आयोग ने हिंसा के संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार के साथ उस समय हाथापाई की गई जब वह गड़बड़ी की खबरों के बाद एक मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे। सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उनकी पिटाई की गई और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने एक बूथ के पास अशांति फैलाने की कोशिश की थी जिसके कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
मुर्शिदाबाद के नौदा में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और तृणमूल के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
सुबह से ही तनाव बढ़ता जा रहा था, जब एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर एक मतदान केंद्र पर गए और उन्हें तृणमूल समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा। कबीर ने बाद में सत्तारूढ़ पार्टी पर डराने-धमकाने और गड़बड़ी का आरोप लगाया जबकि तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए हिंसा की निंदा की।
बीरभूम के लाभपुर में उस समय तनाव फैल गया, जब भाजपा उम्मीदवार देबाशीष ओझा के एक पोलिंग एजेंट पर हमला किया गया, जिसमें उसके सिर पर चोट लगी। इस घटना के बाद इलाके में अशांति फैल गई।
मुरारई में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में कम से कम दो लोग घायल हो गए जिससे जिले में तनाव और बढ़ गया। हालांकि, तृणमूल ने इन आरोपों से इनकार किया।
मालदा के चांचल में भाजपा के एक पोलिंग एजेंट के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसके कपड़े फाड़ दिए गए। पार्टी के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
भाजपा के सूरी से उम्मीदवार जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि एक मतदान केंद्र के पास तृणमूल के एक पार्षद ने मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की, जिससे तीखी बहस हो गई। सत्तारूढ़ दल ने इस आरोप से इनकार किया।
मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल क्षेत्र में कई लोगों को मतदान से रोकने के आरोपों पर निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
कूच बिहार के माथाभांगा में आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर तृणमूल और भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। दोनों पक्षों ने मतदान केंद्रों के पास मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप एक-दूसरे पर लगाया जिसके बाद सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पूर्व मेदिनीपुर के मोयना में उस समय तनाव फैल गया, जब भाजपा समर्थकों ने कथित तौर पर तृणमूल उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की।
नंदीग्राम में अपना वोट डालने के बाद विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा के मजबूत प्रदर्शन का विश्वास जताया और आरोप लगाया कि ''तृणमूल द्वारा संरक्षित अपराधी'' मतदाताओं को डरा रहे हैं।
तृणमूल ने पलटवार करते हुए भाजपा पर शांतिपूर्ण मतदान में बाधा डालने का प्रयास करने और कुछ अधिकारियों के आचरण में पक्षपात का आरोप लगाया। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से संपर्क किया।
वरिष्ठ तृणमूल नेता अनुब्रत मंडल ने बीरभूम में मतदान करने के बाद चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बताया और मतदाताओं से शांतिपूर्वक मतदान करने की अपील की।
पहले चरण में उत्तर बंगाल की सभी 54 विधानसभा सीटों के साथ-साथ दक्षिण बंगाल और जंगलमहल के कुछ हिस्सों में मतदान हो रहा है। इन क्षेत्रों को भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच प्रमुख चुनावी रणक्षेत्र माना जा रहा है।
भाषा गोला नरेश
नरेश
2304 1453 कोलकाता