देश का समग्र विकास समाज के हर वर्ग की प्रगति से ही संभव है: मुर्मू
नरेश
- 21 Apr 2026, 07:07 PM
- Updated: 07:07 PM
(तस्वीरों के साथ)
राउरकेला, 21 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला में 158 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को शुरू करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि देश का समग्र विकास समाज के हर वर्ग, जिसमें महिलाएं और आदिवासी भी शामिल हैं, की प्रगति के माध्यम से ही संभव है।
एक दिवसीय दौरे पर राउरकेला आईं मुर्मू ने तारामंडल एवं विज्ञान केंद्र, निर्मल मुंडा परिवेश पथ, आदिवासी संग्रहालय और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन किया।
ओडिशा के आदिवासी बहुल क्षेत्र में 'आदि परबा-2026' के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश की आधी आबादी महिलाएं हैं और 2047 तक 'विकसित भारत' और 2036 तक 'समृद्ध ओडिशा' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्हें सशक्त बनाना आवश्यक है।
उन्होंने ओडिशा की लगभग एक चौथाई आबादी वाले आदिवासियों के विकास पर भी जोर दिया।
मुर्मू ने कहा, "इसी सोच के साथ, केंद्र और राज्य सरकारें आदिवासी कल्याण और महिला सशक्तीकरण के लिए विभिन्न योजनाओं पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। इससे सुंदरगढ़ जैसे आदिवासी बहुल जिलों में विकास प्रक्रिया में तेजी आ रही है, साथ ही आदिवासी समुदायों के सदस्यों के आर्थिक उत्थान को प्राथमिकता दी जा रही है।''
उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "अच्छे इंसान बनो और पिछड़े हुए लोगों के उत्थान के लिए प्रयास करो।''
राष्ट्रपति ने कहा कि 'विकसित भारत' केवल देश के किसानों, मजदूरों, आदिवासी समुदायों, हाशिए पर पड़े वर्गों, बुद्धिजीवियों, युवाओं और छात्रों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण आबादी के सामूहिक प्रयासों और समर्पण से ही संभव होगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
मुर्मू ने कहा, ''एक 'विकसित ओडिशा' और 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए सर्वांगीण विकास और समाज के हर वर्ग के लोगों की भागीदारी आवश्यक है।''
मुर्मू ने सुंदरगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति, विरासत, साहसी व्यक्तियों और खेल प्रेमियों की भी प्रशंसा की।
राष्ट्रपति का स्वागत इससे पहले झारसुगुड़ा स्थित वीर सुरेंद्र साई (वीएसएस) हवाई अड्डे पर राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने किया।
राउरकेला पहुंचने पर उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया और छात्रों से बातचीत की। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम भी उपस्थित थे।
भाषा संतोष नरेश
नरेश
2104 1907 राउरकेला