कांग्रेस और सपा के 'महिला-विरोधी रवैये' के खिलाफ रोष का प्रतीक है जनाक्रोश पदयात्रा: योगी आदित्यनाथ
अमित
- 21 Apr 2026, 06:18 PM
- Updated: 06:18 PM
लखनऊ, 21 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) समेत अन्य विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने में रुकावट डालने का आरोप लगाते हुए लखनऊ में मंगलवार को 'जनाक्रोश महिला पदयात्रा' निकाली।
मुख्यमंत्री के सरकारी आवास से शुरू हुई यह यात्रा विधान भवन पर समाप्त हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां अपने संबोधन में कहा, "आज, हमारी बहनों के नेतृत्व में लखनऊ में 'जनाक्रोश मार्च' निकाला जा रहा है। यह मार्च देश में, विशेष रूप से 'आधी आबादी' के बीच, कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) के महिला-विरोधी रवैये के खिलाफ व्याप्त रोष का प्रतीक है।''
पांच, कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से यह जनाक्रोश पदयात्रा शुरू हुई जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत प्रमुख नेता शामिल हुए। यात्रा में योगी आदित्यनाथ के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य और ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा शामिल हुए।
इस मार्च में राज्य सरकार की मंत्री गुलाब देवी, रजनी तिवारी, प्रतिभा शुक्ला के अलावा उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव व चारू चौधरी तथा भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष गीता शाक्य एवं महामंत्री प्रियंका सिंह रावत भी प्रमुख रूप से शामिल थीं।
पदयात्रा में राज्य सरकार में मंत्री और भाजपा के सहयोगी दलों के नेता आशीष पटेल व ओमप्रकाश राजभर समेत कई नेता शामिल हुए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पदयात्रा शुरू करते हुए भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाये।
योगी ने कहा कि यह आक्रोश कांग्रेस और सपा समेत विपक्षी दलों के महिला विरोधी आचरण के खिलाफ देश भर में है। उन्होंने कहा कि खासतौर से आधी आबादी के मन में यह आक्रोश है और लखनऊ में हजारों की संख्या में बहनें इसमें शामिल हुई हैं।
आक्रोश मार्च में शामिल लोग सपा-कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस पदयात्रा में भाजपा सरकार के मंत्रियों और पदाधिकारियों के साथ ही सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी संविधान संशोधन विधेयक पर कांग्रेस-सपा के रुख के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित कर रही थी।
भाजपा की महिला पदाधिकारियों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिला कार्यकर्ताओं के हाथों में नारे लिखी तख्तियां थीं।
यात्रा के समापन पर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''आज लखनऊ में मातृशक्ति द्वारा आक्रोश प्रकट किया गया और आप सबको आश्वस्त कर रहा हूं कि प्रदेश का एक-एक बच्चा उनकी जायज मांग का समर्थन करने के लिए खड़ा है।''
योगी ने कहा, ''कांग्रेस हो या सपा, इनका चेहरा अलोकतांत्रिक है, महिला विरोधी है, मोदी जी ने इन्हें अपनी महिला विरोधी छवि को समाप्त करने का जो विकल्प दिया, उसका भी इन लोगों ने दुरुपयोग किया है।''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''देश भर में विपक्षी 'इंडी' (इंडिया) गठबंधन के महिला विरोधी आाचरण के विरोध में सड़कों पर महिलाओं का आंदोलन हो रहा है। इतनी भीषण गर्मी के बावजूद इतनी बड़ी भीड़ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की नीतियों के प्रति समर्थन का प्रतीक है।''
उन्होंने कहा, "आज, हमारी बहनों के नेतृत्व में लखनऊ में 'जनाक्रोश मार्च' निकाला जा रहा है। यह मार्च देश में, विशेष रूप से 'आधी आबादी' के बीच, कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक के महिला-विरोधी रवैये के खिलाफ व्याप्त रोष का प्रतीक है।''
योगी ने कहा कि कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि देश में सिर्फ चार जातियां हैं, जिनमें पहली महिला, दूसरा गरीब, युवा और फिर किसान हैं। उन्होंने सरकार की नीतियों को इन्हीं चार वर्ग के इर्द गिर्द केंद्रित किया है।
उन्होंने कहा कि देश के अंदर समाज के अलग-अलग तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाओं का केन्द्र आधी आबादी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' हो, मातृ वंदना योजना हो, चाहे देश के अंदर उज्ज्वला योजना हो, पीएम आवास योजना और अन्य कार्यक्रम हों, ये सभी योजनाएं प्रधानमंत्री मोदी ने आधी आबादी, गरीब, नौजवान और किसान को केन्द्र में रखकर बनाई हैं।
योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान केवल स्वच्छता ही नहीं, नारी गरिमा का भी प्रतीक है। उन्होंने सिलसिलेवार योजनाएं गिनाते हुए कहा कि ''हम सब जानते हैं कि आयुष्मान भारत की योजना परिवार को स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर बनने का माध्यम बना है।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा की 'डबल इंजन' सरकारें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और 'इंडिया' गठबंधन के लोग हर योजना का विरोध करते हैं।
योगी ने कहा, ''सब जानते हैं कि यह प्रयास लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसद आरक्षण 2029 से ही लागू करने का प्रयास था, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आश्वासन के बावजूद विपक्ष का यह आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल है।''
उन्होंने कहा कि इसलिए आज देश भर में महिलाएं कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों के खिलाफ सड़कों पर आकर जनाक्रोश यात्रा में भागीदार बनी हैं।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस मौके पर कहा कि नारी का उत्थान और सम्मान ही भाजपा और राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की पहचान है, जबकि विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों को कुचलने का काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब-जब महिलाओं को सशक्त करने की बात आई, तब-तब कांग्रेस, सपा जैसे विपक्षी दलों ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह कोई साधारण पदयात्रा या रैली नहीं थी, यह नारी सम्मान और उसके संवैधानिक अधिकारों पर हुए हमले का सीधा और बेहद तीखा जवाब था।
बयान में कहा गया कि पूर्वाह्न लगभग 10 बजे मुख्यमंत्री आवास से प्रारंभ हुई इस पदयात्रा के समय भी चुभने वाली तेज धूप थी, लेकिन महिलाओं का आक्रोश उससे कहीं अधिक धधक रहा था। हाथों में विपक्ष की कुत्सित राजनीति की निंदा करते हुए स्लोगन लिखी हुईं तख्तियां और 'बहन- बेटियों का अपमान-नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, महिला अधिकारों पर वार-सपा-कांग्रेस जिम्मेदार, कांग्रेस का हाथ-नारी शक्ति के खिलाफ, नारी के सम्मान में-एनडीए मैदान में' जैसे गूंजते नारों के साथ यह रैली आगे बढ़ी।
बयान में कहा गया कि हर कदम पर महिलाओं का हुजूम साफ संदेश दे रहा था- आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों पर कोई समझौता नहीं, कोई चुप्पी नहीं, कोई माफी नहीं। जनाक्रोश पदयात्रा में हजारों महिलाओं की सहभागिता ने साबित किया कि आधी आबादी इस मुद्दे पर खामोश नहीं रहेगी।
बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री आवास पहुंची महिलाएं विपक्ष को करारा जवाब देने के लिए कई तरह के पोस्टर-बैनर लिए थीं। इन पोस्टरों पर कांग्रेस व सपा पर महिला विरोधी होने और महिला आरक्षण पर विश्वासघात से संबंधित संदेश भी लिखे हुए थे।
बयान में कहा गया कि अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर मुख्यमंत्री ने पूरी यात्रा पैदल चलकर पूरी की। बयान में कहा गया कि पूरी तरह अनुशासन इस पदयात्रा के मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों या शासन-प्रशासन के अधिकारियों की तैनाती से कहीं ज्यादा महिलाओं की भागीदारी दिखी। बयान में कहा गया कि पदयात्रा मार्ग के दोनों तरफ मौजूद लोग अपने मुख्यमंत्री को सड़क पर पैदल चलता देखकर उनके समर्थन में नारे लगा रहे थे।
भाषा आनन्द अमित
अमित
2104 1818 लखनऊ