तृणमूल कांग्रेस की केरल इकाई अलग हुई; अनवर बनाएंगे नयी पार्टी
नरेश
- 20 Apr 2026, 05:45 PM
- Updated: 05:45 PM
कोच्चि, 20 अप्रैल (भाषा) ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश संयोजक पी वी अनवर ने सोमवार को कहा कि पार्टी की केरल इकाई केंद्रीय नेतृत्व से संबंध तोड़ लेगी और जल्द ही एक नए राजनीतिक दल का गठन किया जाएगा।
राज्य समिति की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अनवर ने कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि विधानसभा चुनाव के दौरान संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) समर्थित उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने पर पार्टी ने उनका समर्थन नहीं किया।
वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) छोड़ने वाले अनवर ने नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में कोझिकोड जिले की बेपोर सीट से यूडीएफ समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
अनवर ने कहा, "पिछले डेढ़ साल में हमने जिला, विधानसभा क्षेत्र और पंचायत स्तर तक पार्टी कमेटियां बनाने में सफलता हासिल की। हालांकि, एक अखिल भारतीय पार्टी के रूप में हमें राष्ट्रीय नेतृत्व से कोई समर्थन नहीं मिला।"
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने एलडीएफ छोड़ा था, तब उन्होंने तृणमूल नेतृत्व को स्पष्ट किया था कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के विरोध सहित उनके इस कदम के लिए केरल में यूडीएफ के समर्थन की आवश्यकता है।
उनके अनुसार, इंडिया गठबंधन और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के साथ संबंधों को देखते हुए शुरुआत में पार्टी नेतृत्व ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी।
अनवर ने आरोप लगाया, "हालांकि, बाद में पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए उन्होंने अपना रुख बदल लिया। जब मैंने बेपोर से चुनाव लड़ा, तो मैंने प्रचार के लिए एक राष्ट्रीय नेता की मांग की थी। लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे कांग्रेस के साथ मंच साझा नहीं कर सकते।"
उन्होंने कहा कि तृणमूल नेतृत्व का मानना था कि यदि कांग्रेस और तृणमूल के झंडे एक ही मंच पर दिखे, तो इससे पश्चिम बंगाल में उनकी राजनीति प्रभावित होगी।
अनवर ने कहा, "ऐसी राजनीति के साथ हम केरल में आगे नहीं बढ़ सकते। वर्तमान राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अलावा और किसे समर्थन दिया जाए, इसका कोई जवाब नहीं है। इसलिए प्रदेश समिति ने राष्ट्रीय नेतृत्व से सभी संबंध तोड़ने का फैसला किया है।"
उन्होंने घोषणा की कि केरल के हितों को प्राथमिकता देने वाला एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और समाजवादी राजनीतिक दल बनाया जाएगा।
भाषा सुमित नरेश
नरेश
2004 1745 कोच्चि