अक्षय तृतीया पर मथुरा-वृंदावन के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
खारी
- 20 Apr 2026, 05:19 PM
- Updated: 05:19 PM
मथुरा (उप्र), 20 अप्रैल (भाषा) मथुरा-वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में अक्षय तृतीया के अवसर पर सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और इस दिन ठाकुर जी को गर्मी से बचाने के लिए चंदन के गाढ़े लेप से ढंका जाता है। व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
श्री बांके बिहारी मंदिर के सेवायत ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी ने बताया कि यह दिन मंदिर के लिए विशेष महत्व रखता है। साल में एक बार होने वाले इस दुर्लभ अनुष्ठान में भक्त श्री बांके बिहारी जी के चरण कमलों के दर्शन करते हैं और शाम को ठाकुर जी के सर्वांग दर्शन होते हैं।
उन्होंने बताया, ''स्वामी हरिदास द्वारा शुरू की गई परंपरा के अनुसार ठाकुर जी इस दिन पीतांबरी धोती और पायल धारण करते हैं। ठाकुर जी के चरण कमलों में चंदन का लड्डू रखा जाता है, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है।''
गोस्वामी ने कहा, ''दिन के अनुष्ठानों में चंदन लेप और सत्तू का भोग शामिल है। चरण दर्शन उत्तराखंड के श्री बदरीनाथ धाम के दर्शन के तुल्य माने जाते हैं, जो शीतकाल के बाद आज ही खुले हैं।''
वृंदावन के राधा रमण मंदिर में ठाकुर राधा रमण जी को चंदन की धोती, बगलबंदी, मुकुट और बांसुरी धारण कराई गई।
सेवायत दिनेश चंद्र गोस्वामी ने कहा, ''अब भोग में खरबूजा और खीरा जैसे ग्रीष्मकालीन फल भी शामिल किए जाते हैं। आज से फूल बंगला उत्सव शुरू हो गया है। ठाकुर जी को प्रतिदिन नया पुष्प श्रृंगार किया जाएगा। झांकी दर्शन भी होंगे, जिसमें बुरी नजर से बचाने के लिए पर्दे बार-बार खोले और बंद किए जाते हैं।''
बलदेव के दाऊजी मंदिर में भी केवल आज ही चरण दर्शन सुलभ हैं। सेवायत प्रशांत शर्मा ने बताया कि दोपहर में विशेष आरती हुई और चरणों में चंदन के लड्डू अर्पित किए गए।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ठाकुर केशव देव जी और श्री राधा-कृष्ण जुगल सरकार ने सर्वांग दर्शन दिए।
सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि देवताओं को सुगंधित चंदन लेप से आच्छादित किया गया। मंदिर दो सप्ताह तक फूल बंगले से सुसज्जित रहेगा।
सेवायत माधव कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि बरसाना के राधा रानी मंदिर में जुगल जोड़ी को ठंडाई और खरबूजे का प्रसाद अर्पित किया जाएगा।
संत स्वामी अवशेषानंद ने कहा, ''इस अनुष्ठान में बड़ी मात्रा में चंदन की आवश्यकता होती है, इसलिए लेप की तैयारी पखवाड़े भर पहले से शुरू हो जाती है। चंदन मुख्यतः बेंगलुरु, मैसूर और कन्नौज से भक्तों द्वारा मंगवाया जाता है। बांके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी को 100 किलोग्राम से अधिक चंदन अर्पित किया जाता है।''
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि पूरे क्षेत्र को तीन जोन और 11 सेक्टर में बांटकर पुलिस और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी प्रणाली से निगरानी की जा रही है और चारों ओर सुरक्षा कड़ी की गई है।
उन्होंने कहा, ''बांके बिहारी मंदिर में अवरोधक के माध्यम से दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाया गया है। लाइव टीवी प्रसारण और एलईडी पैनलों के जरिए श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर किया गया है।''
अधिकारी ने बताया कि मथुरा-वृंदावन के अन्य मंदिरों में भी इसी प्रकार के अनुष्ठान आयोजित किए गए।
भाषा सं आनन्द वैभव खारी
खारी
2004 1719 मथुरा