काला दिवस के रूप में जाना जाएगा 17 अप्रैल : केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी
शोभना
- 19 Apr 2026, 03:36 PM
- Updated: 03:36 PM
लखनऊ, 19 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने रविवार को कहा कि 17 अप्रैल 'काला दिवस' के रूप में जाना जाएगा क्योंकि विपक्षी दलों ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक को पारित न होने देकर महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया है।
विपक्ष पर मामले को अधर में लटकाए रखने का आरोप लगाते हुए, उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर परोक्ष रूप से निशाना साधा और उन्हें 'युवराज' (राजकुमार) कहकर संबोधित किया।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा, '' वे चाहते हैं कि यह आरक्षण पूरी तरह से उनके अपने परिवार तक ही सीमित रहे, ताकि वे अपने ही रिश्तेदारों के लिए सीटें आरक्षित कर सकें और ये अधिकार अपनी ही महिलाओं के लिए सुरक्षित कर सकें। वे नहीं चाहते कि सामान्य वर्ग के लोगों को, या दूर-दराज और पिछड़े इलाकों में रहने वाली हमारी बहनों को ये अधिकार मिलें।''
यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य मुख्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के नेताओं की मौजूदगी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम समेत उनके सहयोगी दलों पर आरोप लगाया कि वे नहीं चाहते कि महिलाओं ('आधी आबादी') को उनके अधिकार मिलें।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, 2014 के बाद से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया गया है और अब उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की बारी थी।"
देवी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने न केवल आरक्षण विधेयक के खिलाफ मतदान किया, बल्कि आधी आबादी के दिलों और उम्मीदों को भी तोड़ दिया।
उन्होंने कहा "कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक हमेशा से यही चाहते थे कि महिलाओं को उनके अधिकार न मिलें।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ''जब सदन में आंकड़े सामने आए, तो वे जश्न मना रहे थे। दूसरे शब्दों में, वे नहीं चाहते थे कि महिलाओं को उनके अधिकार मिलें। महिलाएं अब जाग चुकी हैं और वे भविष्य में कांग्रेस, सपा, द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस को इसका जवाब देंगी।''
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला तेज़ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस की आदत है कि वह हर चीज़ को 'अगर' और 'मगर' के फेर में लटकाए रखना चाहती है।
उन्होंने कहा, '' आपके माध्यम से, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहूंगी कि जब आपको 50 साल से ज़्यादा समय तक देश का नेतृत्व करने का मौका मिला, तब ओबीसी को उनके अधिकार देने से आपको किसने रोका था? जब देश ने कांग्रेस को नकार दिया है, तब उन्हें ओबीसी की चिंता सता रही है।''
उन्होंने प्रश्नात्मक लहजे में कहा, '' वह कौन था जिसने सालों तक ओबीसी से जुड़ी मंडल आयोग की रिपोर्ट को दबाए रखा?''
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि यह कांग्रेस की ओछी मानसिकता है कि उसने ओबीसी को उनके अधिकार मिलने में बाधा डाली।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया।
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, ''आपने देखा होगा कि समाजवादी पार्टी के नेता मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की बात करते हैं। हालांकि, हमारे संविधान में कहीं भी धर्म के आधार पर आरक्षण की बात नहीं की गई है।"
भाषा आनन्द संतोष शोभना
शोभना
1904 1536 लखनऊ