एनआईटी कुरुक्षेत्र का आत्महत्या मामला:माकपा सांसद ब्रिटास ने शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की
संतोष
- 19 Apr 2026, 01:07 PM
- Updated: 01:07 PM
नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एवं राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आत्महत्या की ''कई घटनाओं'' के मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
अपने पत्र में ब्रिटास ने उल्लेख किया कि इस वर्ष फरवरी और अप्रैल के बीच संस्थान में चार छात्रों की मौत हो चुकी है, इसके अलावा एक अन्य छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया था।
ब्रिटास ने कहा, ''एनआईटी कुरुक्षेत्र में बेहद कम समय की अवधि में छात्रों द्वारा आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयासों की कई चिंताजनक घटनाओं ने छात्र सुरक्षा, संस्थागत प्रतिक्रिया और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणालियों की पर्याप्त मौजूदगी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।''
रिपोर्ट का हवाला देते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि संस्थागत प्रतिक्रिया के कारण छात्रों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता को लेकर आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
उन्होंने आपातकालीन हस्तक्षेप में कथित देरी, प्रभावित परिवारों के साथ संवाद की कमी और अपर्याप्त मनोवैज्ञानिक सहायता की ओर इशारा किया जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसने परिसर में भय और अविश्वास का माहौल बनाने में योगदान दिया है।
स्थिति को ''बेहद चिंताजनक'' बताते हुए ब्रिटास ने मंत्री से आग्रह किया कि वे घटनाओं की जांच करने और संस्थागत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल की समीक्षा करने के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति का गठन करें। उन्होंने यह भी मांग की कि छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ाने से रोकने के लिए तत्काल अंतरिम उपाय किए जाएं।
माकपा नेता ने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों का विश्वास बहाल करने के लिए मंत्रालय का शीघ्र हस्तक्षेप अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस संबंध में मंत्रालय या संस्थान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि संस्थान के प्रथम वर्ष की बीटेक छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया।
यह घटना उसी परिसर में दो दिन पहले एक अन्य छात्रा के आत्महत्या करने के बाद हुई है। संस्थान में चार महीनों में चार छात्रों ने आत्महत्या की है।
पिछले बृहस्पतिवार को 19 वर्षीय बीटेक छात्रा दीक्षा दुबे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उनकी मृत्यु के बाद परिसर में विरोध प्रदर्शन हुए।
दुबे की मृत्यु पिछले दो महीनों में परिसर में हुई इस तरह की चौथी घटना है।
संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर ज्ञान भूषण ने बताया कि इन घटनाओं के मद्देनजर प्रशासन ने सभी छात्रों को 19 अप्रैल तक छात्रावास खाली करने का आदेश दिया है।
आगामी मौखिक परीक्षा देने वाले छात्रों को इसकी सूचना पहले ही दे दी जाएगी।
संस्थान ने मुख्य छात्रावास अधिकारियों को बदल दिया है, जिनमें लड़कियों के छात्रावास की मुख्य वार्डन और उप वार्डन शामिल हैं।
भाषा सुरभि संतोष
संतोष
1904 1307 दिल्ली