चंडीगढ़ में लीडरशिप मीट: कॉमर्स शिक्षा को इंडस्ट्री से जोड़ने पर जोर
Dailyworld
- 18 Apr 2026, 07:20 PM
- Updated: 07:20 PM
डीडब्ल्यू ब्यूरो / चंडीगढ़
कॉमर्स शिक्षा को उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप ढालने और छात्रों के लिए वैश्विक करियर अवसरों के रास्ते खोलने के उद्देश्य से चंडीगढ़ में एक लीडरशिप मीट का आयोजन किया गया। जीसीसी स्कूल और पंजाब अनएडेड कॉलेजेज एसोसिएशन (पीयूसीए) के सहयोग से पीएचडी चैंबर में आयोजित इस कार्यक्रम में अकादमिक, उद्योग और सरकार के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम की थीम ‘फ्रॉम कैंपस टू कॉर्पोरेट: क्रिएटिंग ग्लोबल फाइनेंशियल लीडर्स’ रही, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई कि किस तरह कॉमर्स ग्रेजुएट्स को वैश्विक स्तर के अवसरों के लिए तैयार किया जाए। प्रेस सम्मेलन के बाद शाम को आयोजित लीडरशिप मीट में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस दौरान कॉमर्स क्षेत्र में योगदान देने वाले 15 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पंजाब भर से 100 से ज्यादा शिक्षाविदों और संस्थागत प्रमुखों ने भाग लिया।
जीसीसी स्कूल के संस्थापक और केसी ग्लोबऐड के सीईओ डॉ. कमल छाबड़ा ने कहा कि पंजाब में ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की संभावनाएं अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाई हैं। उनके अनुसार, जहां देशभर में ऐसे सैकड़ों केंद्र लाखों लोगों को रोजगार दे रहे हैं, वहीं पंजाब में इनकी संख्या और योगदान सीमित है। उन्होंने कहा कि इस अंतर को पाटने के लिए राज्य में बड़े स्तर पर रोजगार सृजन और फाइनेंस, अकाउंट्स, ऑडिट और टैक्स जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की जरूरत है।
डॉ. छाबड़ा ने बताया कि जीसीसी स्कूल का मॉडल पारंपरिक शिक्षा से अलग है, जिसमें ‘पहले नौकरी, फिर प्रशिक्षण’ की अवधारणा पर काम किया जा रहा है। इसके तहत छात्रों को पहले कॉर्पोरेट भूमिकाओं से जोड़ा जाता है और फिर उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाता है।
जीसीसी स्कूल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) मनप्रीत एस. मन्ना ने कहा कि संस्थान का फोकस पूरी तरह इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग पर है। उन्होंने बताया कि नेशनल फाइनेंस एंट्रेंस टेस्ट, असेसमेंट और इंडस्ट्री इंटरैक्शन के जरिए छात्रों की तैयारी सुनिश्चित की जाती है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम और कम्युनिकेशन ट्रेनिंग के जरिए छात्रों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जहां कुछ को 10 लाख रुपये सालाना तक के पैकेज भी हासिल हुए हैं।
पीयूसीए के अध्यक्ष और आर्य ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन अंशु कटारिया ने कहा कि आज के समय में कॉलेज केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छात्रों के करियर परिणामों पर ध्यान देना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की साझेदारियां छात्रों के लिए वैश्विक अवसरों के दरवाजे खोलती हैं।
कार्यक्रम में त्रिपुरा भवन, नई दिल्ली की रेजिडेंट कमिश्नर सोनल गोयल सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद और छात्र भी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में इस बात पर जोर दिया गया कि कॉमर्स शिक्षा तेजी से बदल रही है और अब इसे वैश्विक जरूरतों के अनुरूप ढालना जरूरी है। प्रतिभागियों ने माना कि उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल से ही छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के करियर के लिए तैयार किया जा सकता है।