अमरावती यौन शोषण मामला: एनसीडब्ल्यू ने सख्त कार्रवाई की मांग की, सामग्री हटाने को कहा
मनीषा
- 18 Apr 2026, 01:28 PM
- Updated: 01:28 PM
नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महाराष्ट्र के अमरावती जिले में नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो के प्रसार पर चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को ऑनलाइन मंचों से ऐसी सामग्री को हटाने का निर्देश दिया है।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने 17 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मामले की प्रगति का आकलन किया।
अमरावती पुलिस ने सोशल मीडिया पर लड़कियों के अश्लील वीडियो और तस्वीरें प्रसारित करने के सिलसिले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। 11 अप्रैल को कुछ वेबसाइट पर वीडियो देखे जाने के बाद इसकी जांच शुरू की गई थी।
अमरावती के पुलिस आयुक्त राकेश ओला, जिलाधिकारी आशीष येरेकर, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विशाल आनंद और अपर पुलिस अधीक्षक (अचलपुर) शुभम कुमार सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
एनसीडब्ल्यू ने शनिवार को एक बयान में कहा, ''जांच के अनुसार यह मामला कई पीड़ितों के शोषण से संबंधित है... आरोप है कि आपत्तिजनक सामग्री रिकॉर्ड की गई और डिजिटल मंच के माध्यम से प्रसारित की गई। इस मामले ने शोषण के लिए प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग, सामग्री किस स्तर तक प्रसारित की गई तथा पीड़ितों की सुरक्षा और गरिमा के संबंध में गंभीर चिंताएं पैदा की हैं।''
आरोपों की गंभीरता पर चिंता व्यक्त करते हुए रहाटकर ने, लागू किए गए कानूनी प्रावधानों की पर्याप्तता पर सवाल उठाए और स्पष्टीकरण मांगा कि अधिक कठोर धाराओं को क्यों नहीं लागू किया गया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट और बरामद डिजिटल सामग्री की वर्तमान स्थिति के बीच विसंगतियों की ओर भी इशारा किया।
पुलिस के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह मामला दर्ज किया गया है।
रहाटकर ने अधिकारियों को सभी प्रासंगिक सामग्री का पता लगाने और उसे पुनः प्राप्त करने के प्रयासों को तेज करने तथा यह जांच करने का निर्देश दिया कि क्या इसमें कोई वित्तीय पहलू जुड़ा था, जिसमें डिजिटल माध्यमों के जरिए संभावित व्यावसायिक शोषण भी शामिल है।
उन्होंने आरोपी और उन परिसरों के बीच संभावित संबंधों के बारे में भी जानकारी मांगी जहां कथित घटनाएं हुई थीं।
मामले की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित सामाजिक कलंक और अपमान के डर से सामने नहीं आ रही होंगी। उन्होंने पीड़ितों की पहचान और गरिमा की रक्षा के लिए मजबूत गवाह सुरक्षा तंत्र एवं गोपनीय कार्यवाही की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने सामुदायिक संपर्क के महत्व पर जोर दिया और कहा, ''विश्वास जगाने और पीड़ितों को बिना किसी डर के ऐसे अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।''
पुलिस के अनुसार, इस मामले के मुख्य आरोपी 19 वर्षीय अयान अहमद ने लड़कियों का शोषण करने के लिए कथित तौर पर किराए के फ्लैट का इस्तेमाल किया था। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा
1804 1328 दिल्ली